कसाब ने लगाई राष्ट्रपति से दया की गुहार

  • 18 सितंबर 2012
कसाब.
अजमल आमिर कसाब ने राष्ट्रपति के पास माफी की गुहार लगाई है.

साल 2008 में मुंबई में हुए हमलों के दोषी अजमल आमिर कसाब ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पास दया याचिका भेजी है.

बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद के अनुसार कसाब की ये याचिका पहले महाराष्ट्र के राज्यपाल के पास भेजी जाएगी और वहां से इसे राष्ट्रपति भवन भेज दिया जाएगा.

हालांकि इससे पहले पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा था राष्ट्रपति के पास कसाब से पहले 29 लोगों का माफी पत्र पंक्ति में है, जिसमें अफजल गुरु का नाम भी शामिल है. इस लिहाज़ से कसाब का माफीनामा राष्ट्रपति के समक्ष काफी बाद में आएगा.

पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने अपने पांच साल के कार्यकाल में 35 अपराधियों की मौत की सज़ा को बदल दिया था.

ऐसे में कई राजनैतिक और सामाजिक संगठनों ने कसाब को जल्द से जल्द फांसी पर लटकाने की मांग की है.

'मृत्युदंड ही विकल्प'

अजमल आमिर कसाब 2008 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार हमलों के जिंदा बचे एकमात्र हमलावर हैं.

मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए हमलों के दौरान गिरफ्तार हुए कसाब को पहले बॉम्बे हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सज़ा सुनाई थी.

कसाब को 29 नवंबर 2011 को जस्टिस आफ्ताब आलम और सीके प्रसाद की खंडपीठ ने फांसी की सज़ा सुनाई थी.

जस्टिस आफ्ताब आलम और सीके प्रसाद की खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा था, ''कसाब के बारे में फैसला करने में कोई दुर्भावना नहीं है. इस शख्स ने भारत के खिलाफ लड़ाई छेड़ी है. भारत की संप्रभुता को चुनौती दी है और युद्ध का ऐलान किया है. इसलिए ऐसे शख्स को मृत्युदंड की सज़ा बरकरार रखने में कोई समस्या नहीं है.''

कोर्ट का कहना था कि कसाब को मृत्युदंड देने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था.

कसाब की दलील थी कि उसकी कम उम्र को देखते हुए उसे फांसी की सज़ा न दी जाए लेकिन अभियोजन पक्ष का कहना था कि कसाब के जुर्म की गंभीरता को देखते हुए उसे फांसी की सज़ा ही दी जानी चाहिए.