'उठक-बैठक' की लंबी सज़ा, छात्र की मौत

  • 14 सितंबर 2012
पिता के मुताबिक मोहम्मद इस्माइल के पैर का ऑपरेशन हुआ था

हैदराबाद के एक स्कूल में शारीरिक दंड की एक घटना में दसवीं कक्षा के एक छात्र की जान चली गई. नगर के मदन्नापेट पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर सूर्य प्रकाश ने बताया कि 14 साल के मोहम्मद इस्माइल की एक अस्पताल में मौत हो गई.

छात्र के पिता मोहम्मद सिद्दीक हुसैन की शिकायत पर रॉयल एम्बेसी स्कूल के प्रबंधन और एक अध्यापिका मुबीना के खिलाफ़ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया गया है.

लेकिन उन्होंने कहा कि बच्चे की मृत्यु का असली कारण उसी समय पता चलेगा जब पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट मिलेगी. छात्र के परिजनों का आरोप है कि कड़ी शारीरिक सज़ा के कारण ही बच्चे की जान गई.

पिता सिद्दीक हुसैन ने कहा कि बच्चे की स्कूल में किसी दूसरे छात्र से लड़ाई हो गई थी जिसके बाद उसे तीन सितंबर को 200 बार उठक-बैठक करने के लिए कहा गया.

पिता का कहना था, "मेरे बच्चे के पैर का ऑपरेशन हुआ था और उस के पैर में लोहे की रॉड थी. इसके बाद भी स्कूल के टीचरों ने उसे पूरे स्कूल में घुमाया और हर क्लास में ले जाकर उससे उठक-बैठक करवाई. उसे न केवल शारीरिक दंड दिया गया बल्कि मानसिक यातना भी दी गई. वो यह अपमान बर्दाश्त नहीं कर सका".

दिमाग की नसें फट गईं

परिवार वालों का कहना है कि घर वापस आकर इस्माइल ने शरीर में दर्द और बुखार की शिकायत की लेकिन डर के करण शारीरिक दंड के बारे में कुछ नहीं कहा. उसने दो दिन के बाद माँ को बताया की उसके साथ क्या हुआ था.

जब 14 साल के मोहम्मद इस्माइल की हालत बहुत बिगड़ गई तो उसे अस्पताल ले जाया गया. तीन अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के बावजूद उसकी हालत बिगड़ती गई. वो बेहोश हो गया और एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई.

जैसे ही बच्चे के मरने की खबर फैली, मदन्नापेट के इलाके में स्थित उस निजी स्कूल पर एक भीड़ ने हमला कर दिया और वहाँ तोड़-फोड़ मचा दी.

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भीड़ को तितर-बितर कर दिया और दो व्यक्तियों को गड़बड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.

अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा है कि दबाव के करण बच्चे की दिमाग की नसें फट जाने से मौत हो गई.

'अमानवीय सज़ा'

पिता सिद्दीक हुसैन ने कहा है, "यह स्पष्ट है कि मेरा बच्चा अमानुषिक सजा के करण मरा है. यह हत्या है. मेरा बच्चा तो वापस नहीं आ सकता लेकिन मैं न्याय के लिए लडूंगा ताकि दूसरे बच्चों के साथ ऐसा न हो."

बच्चे की मौत से पहले ही परिवार ने स्कूल प्रबंधन से इस घटना की शिकायत की लेकिन प्रबंधन ने कोई कदम नहीं उठाया और न ही पुलिस ने कुछ किया.

लेकिन स्कूल के प्रिंसिपल अब्दुल मजीद का कहना है कि बच्चे की चिकित्सा का पूरा खर्च स्कूल ने ही उठाया है. हालांकि वो इस बात का कोई जवाब नहीं दे सके कि यह घटना क्यों हुई.

उनका कहना है कि बच्चे की मृत्यु केवल उठक-बैठक से नहीं हो सकती और उसका कोई दूसरा कारण हो सकता है.