BBC navigation

भैंस से यौनाचार मामले में पांच साल की कैद

 बुधवार, 12 सितंबर, 2012 को 12:55 IST तक के समाचार

राजस्थान के सीकर जिले में एक स्थानीय अदालत ने भैंस के साथ यौनाचार करने के आरोप में एक व्यक्ति को पांच साल की सज़ा दी है.

ये मामला सीकर जिले के खंडेला थाना क्षेत्र के एक गांव में सामने आया था. अदालत ने बनवारीलाल उर्फ़ बन्ना पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

अदालत का हुक्म है कि अगर बनवारी जुर्माने की ये रकम नहीं चुकाएगा तो उसे छह माह की सजा और भुगतनी होगी. बनवारी की उम्र 26 साल है.

सजा के बाद बनवारी ने खुद को बेकसूर बताया और कहा वो इस फ़ैसले के खिलाफ़ अपील करेगा. अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता की दफ़ा 377 के तहत गुनहगार मानते हुए ये सज़ा सुनाई है.

भारतीय दंड संहिता की इस धारा में अप्राकृतिक यौनाचार के विरुद्ध सजा का प्रावधान है.

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, सुआलाल ने चार अप्रैल, 2007 को पुलिस को घटना की इत्तला दी और कहा बनवारी ने उसकी भैंस के साथ यौनाचार किया है जिससे बनवारी ने इंकार किया.

पशु चिकित्सक की रिपोर्ट

पुलिस ने अपनी जांच में बनवारी के खिलाफ भैंस के साथ यौनाचार का आरोप सही पाया और अदालत में उसके खिलाफ़ मुक़दमा पेश किया, लेकिन इस फैसले तक पहुंचते-पहुंचते पांच साल लग गए.

सीकर में श्रीमाधोपुर कस्बे के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मंगलवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद बनवारी को पशुगमन का दोषी पाया और पांच साल की सज़ा सुनाई.

अभियोजन पक्ष ने आरोप सिद्ध करने के लिए ग्यारह गवाह पेश किए और उनके अदालत में बयान दिए जिनमें भैंस का मालिक भी शामिल था. सरकारी वकील महेश जैन ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने पशु चिकित्सक की रिपोर्ट पेश की जिसमें भैंस के साथ मानव शुक्राणुओं की उपस्थिति के संकेत मिले थे.

बचाव पक्ष ने इन आरोपों को ग़लत बताया लेकिन वो बचाव में केवल एक ही गवाह पेश कर पाए.

अभियोजन की दलीलों के विरुद्ध बचाव पक्ष ने कहा कि बनवारी बेगुनाह है और उसे सिर्फ पुरानी रंजिश की वजह से फंसाया गया है. लेकिन वो अदालत में अपनी बेगुनाही साबित नहीं कर सका.

हालांकि अभी उसके पास अपील करने का मौका बाकी है.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.