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असीम त्रिवेदी: कार्टून बनाने पर क्यों पहुंचे जेल?

 सोमवार, 10 सितंबर, 2012 को 21:15 IST तक के समाचार

भारतीय संविधान को नीचा दिखाने और अपनी वेबसाइट पर 'देशद्रोही' सामग्री छापने के आरोप में कानपुर के रहने वाले कार्टूनिस्ट क्लिक करें असीम त्रिवेदी को 16 सितंबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.

"यदि सच बोलना देशद्रोह हैं तो मैं देशद्रोही हूं. महात्मा गांधी को भी देशद्रोही कहा गया था और देश की सेवा करने के लिए मेरे खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाता है तो मैं ऐसा करना जारी रखूंगा."

असीम त्रिवेदी

असीम त्रिवेदी लंबे समय से राजनीतिक विषयों पर कार्टून बनाते हैं और इंटरनेट पर सेंसरशिप के खिलाफ़ भी सक्रिय रहे हैं. दुनियाभर में इंटरनेट की सेंसरशिप के खिलाफ़ हो रहे प्रदर्शनों के समर्थन में वो और उनके साथी भारत में भी प्रदर्शन करते रहे हैं. इस साल मार्च महीने में उन्होंने और उनके साथियों ने पहली अप्रैल यानि 'फूल्स डे' को दूर संचार मंत्री कपिल सिब्बल को समर्पित करने की मुहिम छेड़ी थी. उनका मानना है कि इंटरनेट जैसे विस्तृत माध्यम पर सेंसरशिप लागू करने की बात मूर्खता का प्रतीक है.

राजद्रोह के मामले को लेकर उनके खिलाफ़ दायर एफ़आईआर के आधार पर शनिवार को उन्हें गिरफ्तार किया गया था. लेकिन मुंबई स्थित बांद्रा की एक अदालत ने अब उन्हें 16 सितंबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

'संविधान का मज़ाक'

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पुलिस ने वेबसाइट पर डाली गई सामग्रियों और अन्य आरोपों के बारे में पूछताछ के लिए त्रिवेदी की हिरासत की मांग की थी.

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के सदस्य अमित कतरनयी ने त्रिवेदी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने पिछले साल अन्ना हजारे की रैली के दौरान बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में ऐसे पर्चे लगाए थे जिसमें भारतीय संविधान का मज़ाक उड़ाया जा रहा था. त्रिवेदी के खिलाफ यह आरोप भी लगाया गया था कि उन्होंने अपनी वेबसाइट पर आपत्तिजनक सामग्री डाली है.

सेव योर वॉयस

असीम राजनीतिक विषयों पर कार्टून बनाते हैं और इंटरनेट पर सेंसरशिप के खिलाफ़ सक्रिय रहे हैं.

अदालत ने पिछले महीने त्रिवेदी के खिलाफ एक गैर-जमानती वारंट जारी किया था. अदालत के बाहर संवाददाताओं की मौजूदगी में त्रिवेदी ने कहा कि यदि सच बोलना देशद्रोह हैं तो मैं देशद्रोही हूं. महात्मा गांधी को भी देशद्रोही कहा गया था और देश की सेवा करने के लिए मेरे खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाता है तो मैं ऐसा करना जारी रखूंगा.

'भ्रष्टाचार पर प्रहार'

पुलिस अधिकारियों का कहना था कि त्रिवेदी ने भारतीय ध्वज का भी अपमान किया है और उन्हें आईपीसी की धारा 124 ए के तहत देशद्रोह के अलावा विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार किया गया है.

गौरतलब है कि त्रिवेदी को कार्टूनिस्ट बनाने की कला से जुड़ा एक अवॉर्ड हासिल करने के लिए बुधवार को सीरिया के लिए रवाना होना था.

इस बीच इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कई सदस्य असीम त्रिवेदी के बचाव में सामने आए हैं उनका कहना है कि यदि कोई भ्रष्टाचार के खिलाफ बात करता है तो उसे राष्ट्रविरोधी क़रार देकर उसके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है.

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