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मुंबई हमलों के 'साजिशकर्ता' पर अमरीकी प्रतिबंध

 शुक्रवार, 31 अगस्त, 2012 को 05:07 IST तक के समाचार

मुंबई में 26/11 को हुए हमलों में 160 से ज्यादा लोग मारे गए थे.

अमरीका ने मुंबई हमलों के साजिशकर्ता साजिद मीर समेत लश्कर-ए-तैयबा के आठ कमांडरों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है. भारत ने अमरीका के इस फैसले का स्वागत किया है.

इस सूची में संगठन के संस्थापक हाफिज सईद का बेटा भी शामिल है.

भारत के विदेश सचिव रंजन मथाई ने कहा, “चरमपंथ के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए उठाए गए अमरीका के कदम का हम स्वागत करते हैं.”

इससे पहले समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार प्रतिबंध की घोषणा करते हुए अमरीका ने कहा कि साल 2002 में विदेशी चरमपंथी संगठन घोषित किए जाने के बावजूद पाकिस्तान में “अपनी गतिविधियां” बंद नहीं की है.

पीटीआई के अनुसार अमरीका के ट्रेज़री डिपार्टमेंट की ओर से कहा गया, “लश्कर-ए-तैयबा ने पाकिस्तान, भारत, अफगानिस्तान और अमरीका के खिलाफ चरमपंथी गतिविधियों में शामिल रहा है. साल 2008 में मुंबई में हुए हमले के लिए भी यहीं संगठन जिम्मेदार है. हमले में 160 से ज्यादा लोग मारे गए थे, जिसमें छह अमरीकी नागरिक भी शामिल थे.”

यूएस ट्रेज़री की इस सूची में साजिद मीर के अलावा लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर अबदुल्लाह मुजाहिद, अहमद याकूब, हाफिज़ खालिद वालिद, कारी मुहम्मद याकूब शेख, आमिर हमज़ा, अबदुल्लाह मुंतज़ीर और हाफिज़ सईद का बेटा तल्हा सईद शामिल है.

प्रतिबंध

इस प्रतिबंध के तहत कोई भी अमरीकी नागरिक या कंपनी इन आठों लोगों के साथ किसी तरह का व्यापार नहीं करेंगे और इनकी जो भी संपत्तियां अमरीका में होंगी उन्हें जब्त कर लिया जाएगा.

पीटीआई के अनुसार जिन लोगों का नाम सूची में शामिल किया गया है वो सभी पाकिस्तान के रहने वाले है, जहां से वो लश्कर-ए-तैयबा की गतिविधियां संभालते हैं.

"आज की सूची में उनके नाम हैं जो मुंबई में 2008 में हुए खूनी हमलों और अफगानिस्तान में संयुक्त सेनाओं पर हमले के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं."

यूएस ट्रेज़री

यूएस ट्रेज़री की ओर से कहा गया, “आज की सूची में उनके नाम हैं जो मुंबई में 2008 में हुए खूनी हमलों और अफगानिस्तान में संयुक्त सेनाओं पर हमले के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं.”

“लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडरों का मनोबल तोड़ने के लिए उनपर प्रतिबंध लगाए गए है.”

यूएस ट्रेज़री के वरीष्ठ अधिकारी डेविड एस कोहेन ने कहा, “आज लगाया गया प्रतिबंध लश्कर-ए-तैयबा के सभी धड़ों पर अब तक की गई सबसे पुख्ता कार्रवाई है.”

कोहेन के अनुसार लश्कर के आर्थिक तारों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना सबसे ज्यादा अहम है क्योंकि संगठन इसी के जरिए पैसे जुटाता है जिसे चरमपंथी गतिविधियों पर खर्च किया जाता है.

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