मारुति का मानेसर प्लांट फिर खुलेगा, 500 बर्खास्त

 गुरुवार, 16 अगस्त, 2012 को 18:38 IST तक के समाचार

मारूति के मानेसर कारख़ाने में हिंसा से पहले लगभग 3,000 कर्मचारी काम करते थे

मारुति सुज़ुकी ने कहा है कि हिंसा के बाद से बंद पड़े उसके मानेसर कारख़ाने में 21 अगस्त से दोबारा काम शुरू कर दिया जाएगा.

कंपनी ने साथ ही हिंसा में कथित तौर पर शामिल रहने वाले 500 नियमित मज़दूरों को हटा दिया है.

मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन आरसी भार्गव ने पत्रकारों से कहा, "हम 21 अगस्त से मानेसर में तालाबंदी ख़त्म कर वहाँ उत्पादन शुरू करना चाहते हैं."

कर्मचारियों को हटाए जाने के संबंध में उन्होंने कहा, "हमने 500 नियमित कर्मचारियों को नौकरी से हटाने के लिए नोटिस दे दिया है."

18 जुलाई को मानेसर में हुई हिंसा में कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी की मौत हो गई थी और लगभग 100 लोग घायल हो गए थे.

इसके बाद कंपनी ने 21 जुलाई को ये कहते हुए मानेसर प्लांट में तालाबंदी की घोषणा कर दी थी कि कंपनी के लिए अपने कर्मचारियों की सुरक्षा सबसे प्रमुख है.

सुरक्षा

"हमने 500 नियमित कर्मचारियों को नौकरी से हटाने के लिए नोटिस दे दिया है"

आर सी भार्गव, चेयरमैन, मारूति सुज़ुकी इंडिया

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार फ़िलहाल मानेसर कारखाने की सुरक्षा हरियाणा पुलिस के ज़िम्मे है.

पुलिस ने पिछले सप्ताह कहा था कि वो अपनी सुरक्षा जारी रखेगी और वहाँ एक पूरी बटालियन तैनात रखेगी जिसमें 500-600 पुलिसकर्मी होते हैं.

हिंसा से पहले मानेसर कारखाने में लगभग 3,000 कर्मचारी काम करते थे जिनमें से 1,600 स्थायी कर्मचारी थे.

इनके अतिरिक्त कारखाने में प्रबंधन के लिए लगभग 70 लोग भी नियुक्त थे.

पीटीआई के अनुसार मारूति के मानेसर कारखाने से हर वर्ष साढ़े पाँच लाख गाड़ियाँ बनकर निकलती हैं.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

इसी विषय पर और पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.