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क्या होता अगर भारत का बँटवारा नहीं हुआ होता?

 बुधवार, 15 अगस्त, 2012 को 12:22 IST तक के समाचार
ट्विटर

भारत-पाकिस्तान बंटवारे पर लोगों ने जमकर चुटकी ली है

क्या होता अगर भारत का बँटवारा नहीं हुआ होता?

माइक्रोब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर पर इसी विषय पर पिछले दो दिनों से बहस चल रही है. ज्यादातर लोगों ने इसे मजाक के तौर पर लिया है, और जमकर भड़ास निकाली है.

ट्विटर पर मौजूद कुछ पाकिस्तानी नागरिकों ने इस सवाल पर ही आपत्ति जताई है और कहा कि वो खुश हैं कि बंटवारा हुआ, लेकिन रोचक बात ये है कि ये विषय पाकिस्तान में भी ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है.

ग्वालियर की चेरी ट्वीट करती हैं कि अगर ऐसा हुआ होता तो कश्मीर पर इतनी लड़ाई नहीं होती.

भारतीय कॉमेडियन जसपाल भट्टी कहते हैं कि अगर भारत का बंटवारा नहीं हुआ होता तो दोनो तरफ के नेताओं के स्विस बैंकों में संयुक्त खाते होते.

लैला शबीर कहती हैं कि अगर दोनो देश एक होते तो बाबा रामदेव और इमरान खान एक साथ काले धन को वापस लाने के लिए लड़ रहे होते.

रमेश वत्स लिखते हैं कि अगर ऐसा हुआ होता तब भी हमें ओलंपिक में दो रजत और चार कांस्य पदक ही मिलते.

एक व्यक्ति ने लिखा कि बंटवारे के बिना वीना मलिक और राखी सावंत जुड़वा बहने होतीं.

एक दूसरी टिप्पणी के मुताबिक अगर ऐसा होता तो दिग्विजय सिंह आइएसआइ एजेंटों को भी आरएसएस एजेंट कह रहे होते.

गौतम वर्मा लिखते हैं कि अगर बंटवारा ना हुआ होता तो ‘पाकइंडिया’ क्रिकेट टीम दुनिया की सबसे मजबूत टीम होती.

नरेंद्र गोयल के अनुसार अगर दोनो देश अलग-अलग नहीं हुए होते तो आबादी के लिहाज से हमने चीन को पीछे छोड़ दिया होता.

पाकिस्तानी भी बोले

ट्विटर पर बहस

"सोच कर देखिए कि अगर हामिद गुल भारतीय नागरिक होते."

निखिल सिंह, मुंबई से

इस्लामाबाद के अहमद हसन लिखते हैं कि अगर बंटवारा नहीं हुआ होता तो वो फिल्म कलाकार आमिर खान से मिल सकते.

कराची से काशिफ अजीज कहते हैं कि अगर ऐसा नहीं हुआ होता तो पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की जगह पार्टी का नाम ऑल इंडिया तहरीक-ए-इंसाफ होता.

भारतीय सुंदरराजन संपत के मुताबिक अगर बंटवारा नहीं हुआ होता तो राम जेठमलानी आसिफ अली जरदारी के लिए केस लड़ रहे होते.

भारत से सीमा गोस्वामी लिखती हैं कि अगर ऐसा होता तो जनरल वीके सिंह अपनी उम्र पर फैसले की बजाए सरकार कितनी दिन तक चलेगी इस पर फैसला कर रहे होते.

निधीश के मुताबिक अगर ऐसा होता तो लालकृष्ण आडवाणी सिंध के मुख्यमंत्री होते और 26/11 हमलों का आरोपी कसाब मुंबई के किसी होटल में काम कर रहा होता.

मुंबई के निखिल सिंह पूछते हैं, सोच कर देखिए कि अगर हामिद गुल भारतीय नागरिक होते.

कराची के हुजैफा मोहम्मद के मुताबिक अगर ऐसा होता तो भारतीय भी उनके साथ 14 अगस्त को आजादी का दिन मना रहे होते. साथ ही उन्होंने अपने ट्वीट पर 15 अगस्त, काला दिवस, का हैशटैग भी लगा रखा है.

पाकिस्तान के कई नागरिक 15 अगस्त को काला दिवस के तौर पर मनाते हैं.

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