अन्ना ने जनता से पूछा, राजनीतिक दल बनाएं?

 गुरुवार, 2 अगस्त, 2012 को 16:59 IST तक के समाचार
अन्ना हजारे, अरविंद केजरीवाल

अनुपम खेर ने टीम अन्ना से अपना अनशन समाप्त करने की अपील की है

समाजसेवी अन्ना हज़ारे ने कहा है राजनीतिक दल बनाने में कोई हर्ज नहीं है, लेकिन वो खुद ना तो किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगे, और ना ही चुनाव लड़ेंगे.

अन्ना ने कहा, “मैं राजनीतिक विकल्प का समर्थन करूँगा.”

गौरतलब है कि टीम अन्ना पूर्व में राजनीति से दूरी बनाए रखने की बात करती रही है.

टीम अन्ना का समर्थन कर रहे गुट 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' अपनी वेबसाइट पर लोगों की राय जानने के लिए मतदान करवा रही है.

लोगों से सवाल पूछा गया है कि क्या टीम अन्ना को राजनीति में कूदना चाहिए या नहीं?

सरकार के मंत्री कहते रहे हैं कि अगर अन्ना कुछ करना चाहते हैं तो उन्हें चुनाव लड़ना चाहिए और वो चुने हुए सदस्यों के विचारों की इज्जत करें.

प्रतिक्रिया

इसके तुरंत बाद सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता अंबिका सोनी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि राजनीतिक व्यवस्था में शामिल होना मुश्किल प्रक्रिया है.

इससे पहले फिल्म कलाकार अनुपम खेर ने टीम अन्ना से अपना अनशन समाप्त करने की अपील की.

अनुपम खेर ने कहा, “टीम अन्ना सदस्यों को अपना अनशन खत्म कर देना चाहिए ताकि वो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रख सकें."

उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि वक्त आ गया है कि हम अपनी आवाज संसद में ले जाएँ.”

उधर अनशन कर रहे टीम अन्ना सदस्यों अरविंद केजरीवाल, मनीश सिसौदिया और गोपाल राय की तबियत पर चिंता बढ़ गई है.

अनशन पर चिंता

दृढ़-संकल्प

"इन तीनों ने बार-बार कहा है कि वो बलिदान देने के लिए यहाँ आए हैं. उनपर किसी का असर नहीं चलेगा. इनका संकल्प दृढ़ है"

किरण बेदी

गुरुवार को इन तीनों के अनशन का नौंवा दिन था.

ऐसे वक्त जब सरकार की ओर से नर्मी के संकेत नहीं मिल रहे हैं, टीम अन्ना अगले कदम पर विचार कर रही है.

केजरीवाल, सिसौदिया और राय ने तबियत गड़बड़ाने के बावजूद अस्पताल जाने से मना कर दिया है. उधर पुलिस ने कहा है कि अगर किसी को कुछ हुआ तो जिम्मेदारी आयोजकों पर होगी.

टीम अन्ना सदस्य किरण बेदी ने कहा, “इन तीनों ने बार-बार कहा है कि वो बलिदान देने के लिए यहाँ आए हैं. उन पर किसी का असर नहीं चलेगा. इनका संकल्प दृढ़ है.”

उधर अन्ना हज़ारे का अनशन भी पाँचवे दिन में प्रवेश कर गया है.

सुबह उन्होंने अनशन कर रहे तीन सदस्यों से बात की.

समचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सुबह साढ़े ग्यारह बजे तक कोई भी कार्यकर्ता स्टेज पर नहीं आया था, हालाँकि जंतर-मंतर पर 500 से ज्यादा लोग इकट्ठा हो चुके थे.

बाद में अन्ना हजारे अनुपम खेर के साथ नजर आए.

बुधवार को पुणे धमाकों के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.