
शिंदे के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी नक्सलवाद के बढ़ते प्रभाव पर क़ाबू पाने की
प्रणब मुखर्जी के राष्ट्रपति बनने के बाद खाली हुआ वित्त मंत्रालय एक बार फिर से पी चिंदबरम को दे दिया गया है. जबकि ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे को गृह मंत्री बनाया गया है.
मंगलवार की शाम को राष्ट्रपति द्वारा जारी अधिसूचना में इसकी जानकारी दी गई है.
अधिसूचना में बताया गया है कि विधि मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे वीरप्पा मोइली को ऊर्जा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
प्रणब मुखर्जी के वित्त मंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद अभी तक इस मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास था.
माना जा रहा है कि चिदंबरम के वित्त मंत्री बनाए जाने से एक बार फिर विरोधी दल सरकार के उपर हमला बोल सकते हैं. गृह मंत्री के दौरान विपक्ष पी चिदंबरम पर कई तरह के संगीन आरोप लगाता रहा है.
चिदंबरम को एक बार फिर से वित्त मंत्री बनाए जाने के बाद हो सकता है कि विपक्ष को उन पर नए सिरे से हमला बोलने का मौका मिल जाए.
वैसे प्रणब मुखर्जी के संसदीय दल के नेता पद से इस्तीफा देने के बाद इस बात का भी कयास लगाया जा रहा है कि सुशील कुमार शिंदे को उनकी जगह पर लोकसभा में सदन का नेता बना दिया जाए.
कहा जाता है कि खुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह गृह मंत्री पी चिदंबरम को वित्त मंत्री बनाना चाह रहे थे.
इससे पहले मीडिया में इस बात की भी खबर आई थी कि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को गृह मंत्री बनाकर लाया जा सकता है. लेकिन फिर खबर आई कि शीला दीक्षित इस पद को लेकर उत्सुक नहीं हैं.










