BBC navigation

गुनहगार हूँ तो फांसी पर लटका दो:नरेंद्र मोदी

 गुरुवार, 26 जुलाई, 2012 को 19:01 IST तक के समाचार
नरेंद्र मोदी

नरेंद्र मोदी पर आरोप लगते रहे हैं कि उन्होंने गोधरा कांड के बाद हुए दंगों के दौरान कोई कार्रवाई नहीं की थी

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उर्दू अख़बार को दिए इंटरव्यू में कहा है कि अगर वो गुज़रात दंगों के दोषी हैं तो उन्हें फांसी पर लटका दिया जाए.

मोदी के इस बयान पर ट्विटर और फेसबुक पर बहस शुरु हो गई है. जहां कुछ लोग मोदी के समर्थन में हैं तो कुछ उनके विरोध में.

उर्दू अखबार नई दुनिया को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं गुनहगार हूं तो मुझे फांसी पर लटका दो.’’

मोदी गुजरात में 2002 में गोधरा कांड के बाद हुए दंगों के बारे में बात कर रहे थे.

क्लिक करें पूरी बातचीत सुनने के लिए यहां क्लिक करें....

यह इंटरव्यू इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि नरेंद्र मोदी आम तौर पर गुज़रात दंगों के बारे में बात नहीं करते और इस मुद्दे पर पूछे गए सवालों का जवाब भी कभी कभार ही देते हैं.

यह इंटरव्यू समाजवादी पार्टी के नेता शाहिद सिद्दीकी ने किया है जो पूर्व में राज्यसभा के सांसद रह चुके हैं. सिद्दीकी छह पन्नों का नई दुनिया अख़बार निकालते हैं.

सिद्दीकी ने अपने अख़बार के मुखपृष्ठ पर इस इंटरव्यू को जगह दी है और लिखा है कि बॉलीवुड के फिल्ममेकर महेश भट्ट और स्क्रिप्ट लेखक सलीम खान से बातचीत के बाद उन्होंने नरेंद्र मोदी का इंटरव्यू करने का फ़ैसला किया था.

मोदी का बयान और सोशल मीडिया

नरेंद्र मोदी के इस बयान पर सोशल मीडिया में भी जमकर बहस हो रही है.

बीबीसी के फेसबुक पन्ने पर लोगों ने कई प्रतिक्रियाएं दी हैं जिनमें से कुछ हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं.

मोहम्मद रहमतुल्ला रहमानी एक शेर की तर्ज़ पर कहते हैं- 'तुम्हीं मुंसिफ तुम्हीं कातिल, तुम्हें कौन लटका सकता है तख्ते दर पर'

वहीं राजन सिंह कहते हैं कि अगर मोदी को प्रधानमंत्री बना दिया जा तो वो देश का बहुत विकास करेंगे.

सरफराज़ आलम का कहना है कि मोदी सबसे बड़े मुजरिम हैं

फैसल हुसैनी फलाही लिखते हैं- मोदी ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि इंसाफ की देवी उनकी कठपुतली है और ऐसा कहकर वो सेकुलर बनना चाहते हैं ताकि पीएम बन सकें

राममूर्ति भारद्वाज कहते हैं कि वाह क्या बात कही है मोदी ने

उधर संजीव यादव लिखते हैं कि मोदी का ये बयान उन्हें प्रधानमंत्री बनवा सकता है.

चंदन मंडल लिखते हैं कि बात इन राजनेता की फांसी वाले कथन की और यहां बात प्रधानमंत्री बनाने की हो रही है.

कुल मिलाकर लोग इस मुद्दे पर बहस कर रहे हैं और मोदी के इंटरव्यू की पूरी विवेचना हो रही है कि उन्होंने ये बयान क्यों दिया है.

ट्विटर पर बयानबाज़ी

@Virag Thakkar ट्विट करते हैं- अगर उर्दू साहित्य में अपने योगदान की वजह से ट्रेंड करता तो मुझे ज्यादा खुशी होती ये तो बस मोदी के इंटरव्यू की वजह से ट्रेंड में आ गया उर्दू

@True Indian ट्विट करते हैं- आप चिंता मत कीजिए, हम कर देंगे

@Avinashbhat01 का ट्विट है- नरेंद्र मोदी अगर अपराधी हैं तो उन्हें फांसी दी जाए वर्ना मीडिया और बाकी लोग माफी मांगें


@Mosiqi ट्विट करती हैं-
मुझे आश्चर्य है मोदी ने इंटरव्यू के लिए उर्दू अखबार के पत्रकार को क्यों चुना जो यूपी से हैं और समाजवादी पार्टी के सांसद रह चुके हैं. कमाल है

@orsoraggiante लिखते हैं- बेस्ट बेकरी कांड में नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट. कितने फैसले जीतने होंगे तब मोदी को बेकसूर माना जाएगा.

@Shaswat_doctor का ट्विट है- कोई कुछ भी कहे आप न सुनें भारत और भारतीय अर्थव्यवस्था को आपकी ज़रुरत है मोदी प्रधानमंत्री के रुप में.





इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.