कामयाबी के शिखर पर भारतीय महिलाएं

अमरीका की पत्रिका फोर्ब्स ने दुनिया की 100 ताकतवर महिलाओं की सूची जारी की है. इसमें कई भारतीय महिलाओं का नाम है. कांग्रेस अध्यक्ष तो छठे स्थान पर है- मिशेल ओबामा से भी आगे.

लेकिन राजनीति के अलावा आर्थिक जगत में भी कई भारतीय महिलाओं ने अपना लोहा मनवाया है. आइए इन शक्तिशाली महिलाओं के जीवन पर नजर डालते हैं.

चंदा कोचर

चंदा कोचर

आईसीआईसीआई बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबन्ध निदेशक चंदा कोचर भारत की सबसे शक्तिशाली कारोबारी महिला हैं.

नवंबर 2011 में ‘फॉर्च्यून इंडिया’ पत्रिका ने 50 शक्तिशाली कारोबारी महिलाओं की सूची में उन्हें पहला स्थान दिया था.

इसके अलावा उन्हें दुनिया के 50 सबसे प्रभावशाली लोगों में भी शामिल किया गया है.

17 नवंबर 1961 को राजस्थान के जोधपुर शहर में पैदा होने वाली चंदा कोचर ने साल 1982 में मुंबई के जय हिंद कॉलेज से कला-स्नातक की डिग्री प्राप्त की.

उसके बाद उन्होंने जमनालाल बजाज प्रबंधन संस्थान से प्रबंधन के क्षेत्र में मास्टर डिग्री प्राप्त की. साल 1984 में बतौर प्रबंधन प्रशिक्षु आईसीआईसीआई में प्रवेश करने वाली चंदा कोचर आज बैंक में सबसे ऊंचे पायदान पर हैं.

चंदा कोचर के ही नेतृत्व में आईसीआईसीआई बैंक ने जुलाई 2000 में खुदरा व्यापार शुरू किया.

उनके नेतृत्व में आईसीआईसीआई ने चार वर्षों तक 'बेस्ट रिटेल' बैंक का अवार्ड जीता. साल 2010 में भारत सरकार ने उन्हें बैंकिंग क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया.

किरण मजूमदार शॉ

किरण मजूमदार शॉ

'बायोकॉन लिमिटेड' की अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक किरण मजूमदार शॉ भी दुनिया की सबसे प्रभावशाली सौ महिलाओं में से एक हैं.

किरण मजूमदार का जन्म 23 मार्च 1953 को बेंगलुरू में हुआ था. उन्होंने 1968 में बेंगलुरू के 'बिशप कॉटन गर्ल्स हाई स्कूल' से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और फिर 1973 में बंगलोर विश्वविद्यालय से जंतुविज्ञान में स्नातक की पढ़ाई की.

बाद में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर से उच्च शिक्षा प्राप्त की. साल 1978 में शॉ ने बायोकॉन कंपनी की शुरुआत की. इस कंपनी ने मधुमेह, कैंसर-विज्ञान और प्रतिरोधभंजक बीमारियों पर कई शोध किए.

उन्होंने औद्योगिक एंजाइमों की निर्माण कंपनी से शुरुआत की. अपने काम को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने इसे विकसित कर पूरी तरह से एकीकृत जैविक दवा कंपनी बनाया. जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने और भी कई उत्कृष्ट कार्य किए.

किरण मजूमदार शॉ कर्नाटक राज्य के 'विजन ग्रुप ऑन बायोटेकनॉलॉजी' की अध्यक्ष भी हैं. उन्होंने भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग की सलाहकार परिषद के सदस्य के तौर पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

भारत सरकार ने इस क्षेत्र में अग्रणी कार्यों के लिए उन्हें 1989 में पद्मश्री और 2005 में पद्म भूषण से सम्मानित किया.

शोभना भरतिया

देश के बड़े और पुराने औद्योगिक घराने बिड़ला परिवार से संबंध रखने वाली हिन्दुस्तान टाइम्स समूह की अध्यक्ष और संपादकीय निदेशक शोभना भरतिया को बिजनेस पत्रिका फोर्ब्स ने दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में शामिल किया है.

शोभना भरतिया साल 1986 में हिन्दुस्तान समूह से जुड़ीं थी और तब वे भारत में किसी राष्ट्रीय समाचार पत्र की पहली महिला मुख्य कार्यकारी अधिकारी थीं.

यूपीए सरकार ने उन्हें राज्यसभा के सदस्य के रूप में भी नामित किया.

अपने फाउंडेशन की ओर से साहित्य, खेल और विज्ञान संबंधी उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है.

शोभना भरतिया को 'बिजनेस वूमन ऑफ द ईयर' 2001, 'नेशनल प्रेस इंडिया अवॉर्ड' 1992, 'बिजनेस वूमन अवॉर्ड' और 'द इकोनॉमिक टाइम्स अवॉर्ड' भी मिल चुके हैं.

नैना लाल किदवई

बचपन में एक दिन एक प्रसिद्ध बीमा कंपनी में बतौर सीईओ कार्यरत अपने पिता की कुर्सी पर बैठीं नैना के दिमाग में भी किसी कंपनी का प्रमुख बनने की इच्छा जगी.

इसी धुन का नतीजा है कि आज वे बैंकिंग क्षेत्र की अग्रणी कंपनी ‘एचएसबीसी’ (हांगकांग एंड शंघाई बैंकिंग कोरपोरेशन लिमिटेड) की भारत प्रमुख और डायरेक्टर हैं.

शिमला से स्कूली शिक्षा और दिल्ली यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में स्नातक करने के बाद नैना लाल किदवई ने 'हावर्ड बिजनेस स्कूल' से एमबीए किया.

साल 1982 में ‘स्टैंडर्ड चाटर्ड बैंक’ से करियर की शुरुआत करने के बाद उन्होंने कुछ दिन ‘मोर्गन स्टेनले बैंक’ में काम किया और फिर एचएसबीसी से जुड़ गईं.

विदेशी बैंकों द्वारा भारत में निवेश कराने वाली वे पहली भारतीय महिला हैं.

शिखा शर्मा

शिखा शर्मा

जब पूरी दुनिया मंदी के दौर से जूझ रही हो, ऐसे में किसी कर्मचारी को दो करोड़ रुपए सालाना वेतन मिलना मायने रखता है.

लेकिन भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद से एमबीए की डिग्री हासिल करने वाली शिखा शर्मा को एक्सिस बैंक ने इस वेतन पर साल 2009 में बतौर एमडी और सीईओ नियुक्त किया. वेतन के अलावा कंपनी ने उन्हें तमाम और सहूलियतें दी हैं.

एक्सिस बैंक में आने से पहले शिखा आईसीआईसीआई बैंक में उच्च पद पर थीं.

आईसीआईसीआई समूह में 28 साल काम करने वाली शिखा को ही बैंक के पर्सनल फाइनैंस कारोबार की नींव डालने का श्रेय दिया जाता है.

उन्हें अगस्त 1998 में आईसीआईसीआई पर्सनल फाइनैंस सर्विसेज का प्रबंध निदेशक बनाया गया था.

खूबसूरत साड़ियों की शौकीन शिखा शर्मा रोमांटिक उपन्यास पढ़ना पसंद करती हैं और शास्त्रीय गायिका भी हैं. उनके साथ काम करने वाले लोगों का मानना है कि इतना व्यस्त रहने के बावजूद उन्हें शायद ही कभी दबाव में देखा हो.

कल्पना मोरपारिया

'जेपी मॉर्गन' में इंडिया की मुख्य कार्यकारी अधिकारी कल्पना मोरपारिया कंपनी के निवेश बैंकिंग, संपत्ति प्रबंधन और दूसरे महत्वपूर्ण कार्यों का नेतृत्व करती हैं.

भारत की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में से एक मोरपारिया जेपी मॉर्गन से पहले आईसीआईसीआई बैंकिंग बोर्ड की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं. इसी बैंक में उन्होंने साल 2001 से 2007 तक संयुक्त प्रबंध निदेशक के रूप में भी काम किया.

बॉम्बे विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक, मोरपारिया ने, भारत सरकार की कई महत्वपूर्ण समितियों में भी बतौर सदस्य काम किया है.

फॉर्चून मैगजीन में उन्हें दुनिया की 50 सबसे प्रभावशाली महिलाओं में शामिल किया था.

नीलम धवन

आईटी कंपनी 'ह्यूलेट पैकर्ड इंडिया' की प्रबंध निदेशक नीलम धवन भी भारत की उन प्रमुख उद्यमी महिलाओं में से हैं जो अपनी कंपनी के शीर्ष पद पर हैं.

नई दिल्ली के 'सेंट स्टीफेंस कॉलेज' से अर्थशास्त्र में स्नातक नीलम धवन इससे पहले माइक्रोसॉफ्ट इंडिया की प्रबंध निदेशक थीं. उन्होंने दिल्ली के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज से एमबीए किया है.

एचसीएल और आईबीएम जैसी भारत की अग्रणी आईटी कंपनियों में काम करते हुए उन्होंने सफलता के कई अध्याय जोड़े.

फॉर्चून पत्रिका ने उन्हें साल 2009 में दुनिया की 50 सबसे प्रभावशाली महिला उद्यमियों में शामिल किया था.

मल्लिका श्रीनिवासन

मैसी फार्ग्युसन ट्रैक्टर और कृषि उपकरण बनाने वाली कंपनी टीएएफई की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मल्लिका श्रीनिवासन को हाल ही में बिज़नेस पत्रिका फ़ोर्ब्स की एशिया की 50 सबसे ताक़तवर कारोबारी महिलाओं में जगह दी है.

टैफे की प्रमुख होने के अलावा मल्लिका श्रीनिवासन को हाल ही में अमरिका के एजीसीओ कॉरपोरेशन के निदेशक मंडल के लिए चुना गया है.

एजीसीओ वैश्विक स्तर पर कृषि उपकरणों को बनाने और वितरण करने वाली कंपनी है.

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