जंदल के लिए पाकिस्तान सुरक्षित जगह थी: चिदंबरम

 शुक्रवार, 29 जून, 2012 को 19:18 IST तक के समाचार
पी चिदंबरम

भारत ने गुरुवार को कहा कि कि पाकिस्तान को स्वीकार करना चाहिए कि उसने अबू जंदल को एक पासपोर्ट और दो पहचानपत्र दिए.

गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि गिरफ्तार किए गए चरमपंथी सैयद जैबुद्दीन उर्फ अबू हमजा उर्फ अबू जंदल के लिए पाकिस्तान बेहद सुरक्षित जगह थी.

नई दिल्ली में हुए एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने ये बातें कहीं. उनके साथ गृह सचिव आरके सिंह

आरके सिंह ने कहा कि पाकिस्तान को स्वीकार करना चाहिए कि उसने जंदल को एक पासपोर्ट दिया, दो पहचानपत्र दिए और सऊदी अरब से कहा कि वह पाकिस्तानी है.

सैयद जैबुद्दीन को मुंबई में 26/11 को हुए चरमपंथी हमले का प्रमुख हैंडलर माना जा रहा है.

आरोप

"हम स्वीकार करते हैं कि जंदल भारतीय नागरिक है. लेकिन वह पाकिस्तान में जाकर कट्टरपंथी हो गया. पाकिस्तान को भी यह मानना चाहिए कि जंदल हमले के समय कंट्रोलरूम में था और उसका 26/11 के हमले में रोल था"

गृहमंत्री पी चिदंबरम

संवाददाता सम्मेलन में चिदंबरम ने कहा कि उस चरमपंथी हमले के लिए सरकार की मदद के बिना कंट्रोल रूम स्थापित नहीं हो सकता था.

उन्होंने बताया कि जंदल हमले के दौरान लश्कर-ए-तैबा के मुखिया हाफिज सईद के साथ पाकिस्तान में उस कंट्रोलरूम में मौजूद था.

गृहमंत्री ने कहा कि जंदल के मुज्जमिल के साथ काफी अच्छे रिश्ते थे. जती उर रहमान लखवी की गिरफ्तारी के बाद मुज्जमिल ही लश्कर की संचालन गतिविधियों को चला रहा था.

चिदंबरम ने बताया, “26/11 को हुए चरमपंथी हमले के बाद जंदल ने पाकिस्तान में ऑटो मैकेनिक का काम शुरू कर दिया. लश्कर उसे हर महीने 12 हजार का वेतन देता था. ”

उन्होंने बताया कि जंदल ने ही मुंबई पर हमला करने वाले सभी 10 चरमपंथियों को जानकारी दी थी.

चिदंबरम ने कहा कि 26/11 की साजिश की कई गुत्थियाँ जंदल के माध्यम से ही सुलझी हैं.

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