350 भेड़ें आईं ट्रेन की चपेट में

 गुरुवार, 28 जून, 2012 को 08:49 IST तक के समाचार

तेंदुआ ने भेड़ का शिकार करना चाहा, जिससे साढ़े तीन सौ भेड़ ट्रेन की चपेट में आ गए

आंध्र प्रदेश में हुई एक अजीब दुर्घटना में कम से कम 350 भेड़ों को एक ट्रेन ने रौंद दिया.

यह दुर्घटना मंगलवार की रात श्रीकाकुलम जिले के सोमपेट इलाके में घटी. सोमपेट के जंगल अधिकारी अरुण प्रकाश ने बीबीसी को बताया कि भेड़ों का एक झुंड रात को लगभग 11 बजे पटरी को पार कर रहा था कि एक एक्सप्रेस ट्रेन ने उसे टक्कर मार दी.

इसके बाद एक जंगली बिल्ली खून और मांस का गंध सूंघकर वहां पहुंची. जब वह भेड़ों का मांस खा रही थी तो एक दूसरी ट्रेन ने उसे भी टक्कर मार दी.

बुधवार को दिन भर उस इलाके में यही कहानी चलती रही.

हालांकि कहानी यह बताई जा रही थी कि एक तेंदुआ भेड़ों का शिकार करने के फिराक में था. उससे बचने के लिए भेड़ें जब भागीं तो सभी भेड़ें ट्रेन की चपेट में आ गईं. साथ में तेंदुआ भी ट्रेन की चपेट में आ गया.

अधिकारियों का कहना है कि वहाँ तेंदुआ था ही नहीं.

संयोग

"दोनों अलग अलग ट्रेनों की टक्कर से मरे हैं. हमने जंगली बिल्ली का जब पोस्टमार्टम किया तो उसके पेट से भेड़ों का मांस मिला. अगर तेंदुआ ने भेड़ों का पीछा किया होता और वह बिल्ली भेड़ों की भीड़ में होती और उसकी मौत एक साथ होती तो फिर बिल्ली के पेट में भेड़ का मांस नहीं हो सकता था"

अरुण प्रकाश, जंगल अधिकारी

अरुण प्रकाश ने कहा कि यह संयोग की बात थी कि भेड़ों और जंगली बिल्ली की ऐसी मौत हुई.

उनके अनुसार, "दोनों अलग अलग ट्रेनों की टक्कर से मरे हैं. हमने जंगली बिल्ली का जब पोस्टमार्टम किया तो उसके पेट से भेड़ों का मांस मिला. अगर तेंदुआ ने भेड़ों का पीछा किया होता और वह बिल्ली भेड़ों की भीड़ में होती और उसकी मौत एक साथ होती तो फिर बिल्ली के पेट में भेड़ का मांस नहीं हो सकता था."

उन्होंने यह भी कहा कि जंगली बिल्ली इतनी छोटी है कि वह भेड़ का शिकार कर ही नहीं सकती थी.

इन भेड़ों की मौत के लिए क्या जंगली जानवर जिम्मेवार हैं, यह सवाल काफी अहम बन गया है. अगर ऐसा होता तो जिन परिवारों के भेड़ इस ट्रेन हादसे में मारे गए हैं वे लोग मुआवजे की मांग कर सकते थे.

अरुण प्रकाश ने कहा कि तेंदुए के हमले की कहानी इसीलिए फैलाई गई है.

राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार इस घटना में छह परिवारों को लगभग बीस लाख रूपए का नुकसान हुआ है.

यह घटना हैदराबाद से लगभग आठ सौ किलोमीटर दूर जंगली इलाके में हुई है, इसलिए इसका ब्यौरा बहुत देर से मिला.

अरुण प्रकाश या स्थानीय पुलिस अधिकारी यह नहीं बता सके कि टक्कर किन ट्रेनों से हुई.

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