कांग्रेस ने ममता-मुलायम को झटक दिया

 गुरुवार, 14 जून, 2012 को 12:29 IST तक के समाचार
यूपीए गठबंधन

राष्ट्रपति चुनाव के लिए यूपीए का गणित गड़बड़ाया.

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सत्ताधारी यूपीए गठबंधन में मतभेद गहराते जा रहे हैं. कांग्रेस ने राष्ट्रपति पद के लिए तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की तरफ से सुझाए गए तीनों नाम खारिज कर दिए हैं.

कांग्रेस प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि मनमोहन सिंह 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहेंगे जबकि पार्टी पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने के हक में नहीं है.

जनार्दन द्विवेदी ने कहा, ''हम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जिम्मेदारियों से मुक्त करने की स्थिति में फिलहाल नहीं हैं. बाकी दो नाम हमें मंजूर नहीं हैं.''

उन्होंने कहा, ''यूपीए-2 के लिए नेता के चयन पर हमने पहले ही कह दिया था कि वे वर्ष 2014 तक प्रधानमंत्री बने रहेंगे. कांग्रेस इस तरह बीच में अपने नेतृत्व में बदलाव जैसे कदम नहीं उठाती है.''

गरिमा का सवाल

राष्ट्रपति पद के लिए प्रणब मुखर्जी और हामिद अंसारी के कांग्रेस की पसंद होने पर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, ''कांग्रेस ने यदि नाम तय किए होते तो ये दो नाम सामने नहीं आते.''

"कांग्रेस यूपीए के सहयोगी दलों के साथ मिलकर राष्ट्रपति पद के लिए एक उम्मीदवार का नाम तय करेगी और जल्द ही आपको इसकी जानकारी मिल जाएगी."

प्रणब मुखर्जी

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने एक दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी. मुलाकात के फौरन बाद ममता बनर्जी ने मीडिया को राष्ट्रपति पद के लिए कांग्रेस के पसंदीदा उम्मीदवारों के नाम बता दिए थे.

इस पर जनार्दन द्विवेदी ने कहा, ''इस प्रक्रिया की भी एक गरिमा है. जब इस तरह की बात होती है तो नामों की चर्चा बाहर नहीं की जाती है.''

वहीं वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी का कहना है, "कांग्रेस यूपीए के सहयोगी दलों के साथ मिलकर राष्ट्रपति पद के लिए एक उम्मीदवार का नाम तय करेगी और जल्द ही आपको इसकी जानकारी मिल जाएगी."

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार सुबह वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की जो अब तक उम्मीदवारी की रेस में कांग्रेस की तरफ से सबसे आगे माने जा रहे हैं, जबकि उनके बाद उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का नाम है.

'कुछ घंटों में एलान'

अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए यूपीए को तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के समर्थन की जरूरत होगी.

"प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नाम को राष्ट्रपति पद के लिए सुझाव दिए जाने पर मैं कुछ नहीं बोलूंगा. मैंने प्रणब मुखर्जी के नाम का सुझाव दिया था लेकिन अब पता नहीं कि ये सब कैसे हो गया."

करुणानिधि, डीएमके प्रमुख

गृह मंत्री पी चिदंबरम और रक्षा मंत्री एके एंटनी भी गुरुवार सुबह कांग्रेस के अध्यक्ष के निवास पर पहुंचे.

यूपीए की सहयोगी डीएमके के नेता टीआर बालू ने भी कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की और कहा कि वो कुछ ही घंटों में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का एलान कर देंगी.

बुधवार को तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने ये कहते हुए यूपीए को झटका दिया कि उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए जिन तीन नामों पर विचार किया है उनमें पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी शामिल हैं.

उम्मीदवारी बनी 'विवाद'

उधर डीएमके राष्ट्रपति पद के लिए मनमोहन का नाम उछाले जाने पर हैरान है. पार्टी प्रमुख एम करुणानिधि ने कहा, ''प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नाम को राष्ट्रपति पद के लिए सुझावए जाने पर मैं कुछ नहीं बोलूंगा. मैंने प्रणब मुखर्जी के नाम का सुझाव दिया था लेकिन अब पता नहीं कि ये सब कैसे हो गया.''

यूपीए के एक और सहयोगी एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि वो किसी व्यक्ति विशेष के नाम पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे.

पवार ने कहा कि अब देखना ये है कि राष्ट्रपति पद के लिए आम सहमति बनाने के लिए कैसे रास्ता निकाला जाए.

विपक्षी एनडीए गठबंधन में शामिल जेडीयू अब भी राष्ट्रपति चु्नाव को लेकर कुछ भी स्पष्ट कहने से बच रही है. पार्टी के प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने गुरुवार को कहा, “पहले कांग्रेस को तय करने दीजिए. ममता बनर्जी यूपीए का हिस्सा हैं. मुलायम सिंह पार्टी यूपीए में है और अब ये मामला यूपीए में विवाद बनता जा रहा है.”

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