आमदनी 90 हजार से कम तो पारसी 'गरीब'

 मंगलवार, 12 जून, 2012 को 15:03 IST तक के समाचार
पारसी शादी

भारत में पारसियों की संख्या मात्र 55,000 के आसपास है

अगर आप एक पारसी दंपती हैं और हर महीने 90,000 रुपए से कम कमाते हैं तो आप ‘अपेक्षाकृत गरीब’ पारसी की श्रेणी में आएँगे और मुंबई में एक मुफ्त घर पाने के हक़दार होंगे.

पहले ये आंकड़ा 50,000 रुपए महीना था.

मुंबई में पारसी लोगों की संस्था बंबई पारसी पंचायत ने बंबई उच्च न्यायालय को बताया है बढ़ती महंगाई के कारण उन्होंने आंकड़े में वृद्धि की है.

पंचायत ने न्यायालय में दाखिल एक मामले में दायर हलफनामे में ये बात कही.

गौरतलब है कि भारत में पारसी एक समृद्ध समुदाय है, लेकिन वो कम जनसंख्या की समस्या से जूझ रहा है.

बंबई पोर्ट ट्रस्ट के बाद पारसी पंचायत के पास मुंबई में सबसे ज्यादा जमीन है और उसके पास करीब 5,500 फ्लैट्स हैं.

भारत में पारसियों की संख्या 55,000 के आस-पास है, जबकि अकेले मुंबई में करीब 35,000 पारसी रहते हैं.

पारसी पंचायत के मेहली कोलाह ने बीबीसी को बताया कि कम कमाने वाले पारसी दंपतियों को मुफ्त फ्लैट देने का मक़सद दूसरे लड़के लड़कियों को शादी के लिए प्रेरित करना है.

वो कहते हैं, “अगर वो शादी नहीं करेंगे तो बच्चे नहीं होंगे. पारसी जनसंख्या को बढ़ाने के लिए हम नए दंपतियों को ये प्रलोभन देते हैं.”

मामला

प्रलोभन

"अगर वो शादी नहीं करेंगे तो बच्चे नहीं होंगे. पारसी जनसंख्या को बढ़ाने के लिए हम नए दंपतियों को ये प्रलोभन देते हैं"

मेहली कोलाह, पारसी पंचायत

अखबार टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक पारसी पंचायत चेयरमैन दिनशा मेहता ने मुंबई के दाहानू में रहने वाले रोहिंटन तारापोरवाला की एक याचिका के जवाब में हलफनामा डाला था.

दरअसल रोहिंटन ने अंधेरी स्थित एक फ्लैट को उन्हें नहीं दिए जाने के खिलाफ याचिक दायर की थी औऱ कहा था कि ऐसे कई लोगों को फ्लैट दिए गए जो 50,000 रुपए महीना से ज्यादा कमाते थे.

इस पर मेहता ने कहा कि रोहिंटन तारापोरवाला गरीब, जरूरतमंद और काबिल नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि ऐसे आवेदक जिनकी महीने की आमदनी 90,000 रुपए से ज्यादा और उनके पास 25 लाख से ज्यादा की संपत्ति है, उन्हें ये सुविधा नहीं दी जाएगी.

अखबार के मुताबिक तारापोरवाला के पास 17 एकड़ की जमीन के अलावा एक फार्महाउस भी है. उनकी मासिक आमदनी 90,000 रुपए से ज्यादा है.

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