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आमिर या किसी खान की हमेशा जरूरत नहीं: सिंड्रेला

 शनिवार, 19 मई, 2012 को 15:28 IST तक के समाचार
आमिर खान के साथ सिंड्रेला प्रकाश

आमिर खान के टेलीविजन शो क्लिक करें 'सत्यमेव जयते' में क्लिक करें बाल यौन शोषण से जुड़ा अपना अनुभव बताने के बाद से मैंने लोगों के बर्ताव में फर्क महसूस किया है.

शो की शूटिंग फरवरी में हुई थी और उसके बाद से ही मैं प्रार्थना कर रही थी कि मुझे इसके बाद किसी की दया नहीं चाहिए कि 'ओहो बेटी आपके साथ जो हुआ वो गलत हुआ'. मगर ऐसा नहीं हुआ.

लोगों से मुझे बेहद प्यार और सम्मान मिल रहा है. आज भी जब मैं घर से निकली तो एक नौसैनिक अधिकारी ने मुझे रोककर हाथ मिलाया और पूछा कि 'तुम वही लड़की हो जो शो में आई थी'.

सुनिए सुनिए सिंड्रेला प्रकाश से बातचीत

मेरे पापा एक सिक्योरिटी ऑफिसर हैं और जब वो ऑफिस जाते हैं तो अब लोग उन्हें सैल्यूट मारकर कह रहे हैं कि 'आपको और आपकी बेटी को सैल्यूट'. मेरा भाई लंदन में है और उससे जानने वालों ने वहाँ उसे फोन करके कहा कि 'हमने आपकी बहन को टीवी पर देखा और उसे हमारी ओर से काफी आदर-सम्मान'.

हाँ मगर मुझे झाड़ भी पड़ी. शो के बाद मेरे एक रिश्तेदार का फोन आया और उन्होंने मुझे बहुत झाड़ा. उन्होंने कहा कि 'तुमने ऐसा क्यों किया. ये तो सालों से होता आ रहा है और तुम्हारे आवाज उठाने से कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है'.

आमिर

"आमिर ने हाथ बढ़ाया और पूछा हाय सिंड्रेला, हाउ आर यू. वो पहले से हमारा नाम जानते थे. साथ बैठकर इस बारे में हमारी आम चर्चा हुई और इस चर्चा में पाँच मिनट के अंदर ही आमिर की आँखों से आँसू बह रहे थे"

सिंड्रेला प्रकाश

मुझे क्लिक करें फेसबुक और ट्विटर पर हजारों संदेश आए हैं. लोग पटना और कानपुर से फोन करके मुझे आपबीती बता रहे हैं. उन्होंने जो बात आज तक अपने परिजनों से नहीं कही वो मुझे फोन करके बता रहे हैं. मेरी चुप्पी तोड़ने के बाद दूसरे लोग भी चुप्पी तोड़ रहे हैं. मेरे ये बात रखने के बाद खुद मेरी कुछ दोस्तों ने घर जाकर अपनी माँ को बताया कि उनके साथ भी ऐसा हुआ है.

शादी के प्रस्ताव

यहाँ मराठी में कहा जाता है कि शिवाजी पैदा तो हो मगर पड़ोस के घर में. हर कोई चाहता है कि कोई उनके हक में लड़े मगर कोई नहीं चाहता कि वो खुद उनका बेटा हो या बेटी. मगर हमारे यहाँ उल्टा ही हो गया. यहाँ तो शिवाजी घर में ही पैदा हो गया. मैंने बाल यौन शोषण के बारे में खुलकर बात इसलिए की क्योंकि इस बारे में कोई बात नहीं करता जबकि इसमें हमारी कोई गलती भी नहीं है.

इस कार्यक्रम के बाद से ही लोग मुझसे पूछ रहे हैं कि क्या कोई तुमसे शादी करेगा. मगर मुझे पूरा विश्वास है कि कोई न कोई लड़का मुझे जरूर अपनाएगा. मैंने तो आमिर के सामने कह दिया कि मैं 'सिंगल' हूँ तो मेरे पास उसके बाद 100 से ज्यादा प्रस्ताव आ चुके हैं. बहुत से लोग सामने आए हैं और उनमें से एक-दो ने कहा कि 'तुम जैसी भी हो मैं तुमसे शादी करने को तैयार हूँ'. ये सुनकर अजीब लगा कि जैसी भी हो से क्या मतलब है.

पर ईमानदारी से कहूँ तो अगर कल को ऐसा होता है कि मेरी शादी नहीं भी होती तो उन लाखों लड़के-लड़कियों की चुप्पी तोड़ने की ये एक बहुत ही छोटी कीमत होगी जो इससे पहले कुछ भी बोलने से हिचकते थे.

ये शो प्रसारित होने के 15 मिनट बाद ही मेरे पड़ोस की एक आंटी ने दरवाजा खटखटाया. वो अपनी बेटी और अपने रिश्तेदारों की कुछ बेटियों के साथ वहाँ थीं. उन्होंने मुझसे कहा कि बेटी इन लड़कियों को हिम्मत दो. मैंने वहीं खड़े-खड़े उनसे 10 मिनट बात की और कहा कि हिम्मत जुटाओ. इसके अलावा घर के नीचे रहने वाले और आस-पड़ोस के लोग भी आए और उन्होंने पूछा कि जो भी हुआ क्या वो इसी घर में हुआ था तो मैंने कहा बिल्कुल इसी घर में.

दरअसल टिमोथी गायकवाड़ ने मुझ पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई थी जिसमें मैंने इस विषय में बात की थी कि किस तरह बचपन में मेरा यौन शोषण हुआ. वही देखकर आमिर ने मुझे बुलाया था.

भावुक आमिर

आमिर खान

आमिर ने लगातार ये सुनिश्चित किया कि शो में हिस्सा ले रहे सभी लोग पूरी तरह ठीक हैं

आमिर के साथ इस कार्यक्रम के दौरान हमने दो दिन गुजारे. पहले दिन आने के साथ ही आमिर ने हाथ बढ़ाया और पूछा, "हाय सिंड्रेला, हाउ आर यू." वो पहले से हमारा नाम जानते थे. साथ बैठकर इस बारे में हमारी आम चर्चा हुई और इस चर्चा में पाँच मिनट के अंदर ही आमिर की आँखों से आँसू बह रहे थे. वो बहुत ही भावुक हैं. कई बार लोगों को लगता है कि पता नहीं ये सब जेन्युइन है कि नहीं वास्तविक है कि नहीं मगर मैं खुद गवाह हूँ आमिर की सच्चाई की.

आमिर ने काफी अच्छा रिसर्च किया था, उन्हें इस विषय के बारे में पहले सब पता था. उन्होंने कहा कि एक ही बार में पूरा इंटरव्यू होगा और उन्होंने हमें पहले से सवाल नहीं बताए. उनका कहना था कि हम बिना किसी रिहर्सल के अपनी बात रखें तो असलियत सामने आएगी. दो दिनों में लगभग दस बार उन्होंने मुझसे पूछा कि 'सिंड्रेला तुम कंफर्टेबल हो न'. जिस दिन कार्यक्रम प्रसारित हुआ उस शाम उन्होंने फोन करके पूछा कि मैं ठीक तो हूँ. आमिर ने पूछा कि कार्यक्रम हमें कैसा लगा. वह बहुत अच्छे इंसान हैं.

ऐसा नहीं है कि मेरे साथ ऐसा एक ही बार हुआ. मैंने शो में 12 साल की उम्र में मेरे साथ एक 55 साल के व्यक्ति के किए दुर्व्यवहार की चर्चा की थी मगर मेरे साथ 16 साल की उम्र में एक बार फिर एक अपने ही रिश्तेदार ने बद्तमीजी की थी और तब भी मैं बुत बनी रह गई. मैंने कार्यक्रम में इसका भी जिक्र किया था मगर वो हिस्सा शायद एडिट हो गया.

आगे की योजना

गर्व

"आमिर खान ने बहुत अच्छा काम किया है और मुझे गर्व है कि उन्होंने ऐसा जो कदम उठाया मैं उसका हिस्सा बनी, मगर मैं मानती हूँ कि ऐसे मुद्दों के लिए हमें हमेशा आमिर खान या किसी बड़े व्यक्ति की जरूरत नहीं होती"

सिंड्रेला प्रकाश

बाल यौन शोषण के शिकार बच्चों से मेरा कहना है कि अगर आपके साथ ऐसा हुआ है तो इसमें आपकी कोई गलती नहीं है इसलिए चुप रहने की जरूरत नहीं है. इस घटना के बाद मुझे समझ में नहीं आता था कि प्यार क्या होता है, रिश्तेदारों को लेकर मैं असमंजस में थी कि आखिर संबंध कैसे होते हैं. मैंने वर्षों तक घुटनों के बल ऊपर वाले से प्रार्थना की और मैं पूछती थी कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है. फिर एक समय ऐसा आया जब मुझे ऊपर वाले ने जैसे समझाया कि प्रेम करना छोड़ना नहीं चाहिए, तब मैंने उस इंसान को माफ कर दिया. ये जीवन बहुत छोटा है और मैं ऐसे लोगों पर समय बर्बाद नहीं कर सकती.

मैं अब तक नौकरी करती थी मगर सोमवार से मैंने वो नौकरी छोड़ दी है और अब मैं आराम कर रही हूँ. मैं गाती हूँ और गाने लिखती भी हूँ. मेरे दो एल्बम क्लिक करें 'महफूज' और 'महफूज वाणी' आ चुके हैं. मैं जीसस से बेहद प्रेम करती हूँ और गाने उन्हीं के लिए लिखती हूँ, उन्हीं के लिए गाती हूँ.

मैंने बाल यौन शोषण के शिकार लोगों के लिए मुंबई में तो काम करना शुरू कर दिया है मैं साथ ही कोशिश कर रही हूँ कि जितने लोगों से हो सके मैं मिल सकूँ. मैं उनसे मिलकर काम करना चाह रही हूँ. मैंने लोगों से कहा है कि वे जो बात परिवार वालों से मिलकर नहीं कह सकते वे मुझसे कहें. मैं स्पॉन्सर ढूँढ़ने की कोशिश कर रही हूँ जो इस बारे में मेरी मदद कर सके. मुझे कानपुर, पानीपत, कोलकाता से लोगों के संदेश मिल रहे हैं जो चाहते हैं कि मैं वहाँ जाकर इस बारे में बात करूँ.

आमिर खान ने बहुत अच्छा काम किया है और मुझे गर्व है कि उन्होंने ऐसा जो कदम उठाया मैं उसका हिस्सा बनी, मगर मैं मानती हूँ कि ऐसे मुद्दों के लिए हमें हमेशा आमिर खान या किसी बड़े व्यक्ति की जरूरत नहीं होती. हम आम आदमी हैं और हममें भी क्षमता है कि हम एक साथ मिलकर इस बारे में कुछ करें. आमिर ने चिंगारी तो लगा दी है अब वो आग जली रहे ये हमारी जिम्मेदारी है. ये आग बुझनी नहीं चाहिए क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो ये हमारी गलती होगी किसी और की नहीं.

(बीबीसी संवाददाता मुकेश शर्मा से बातचीत पर आधारित)

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