मुसलमानों को आरक्षण पर रामदेव का समर्थन

 रविवार, 13 मई, 2012 को 03:37 IST तक के समाचार
बाबा रामदेव

बाबा रामदेव ने कहा है कि वे मुसलमानों के हक़ के लिए संघर्ष करेंगे.

योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा है कि वे संविधान की धारा 341 में संशोधन कर मुसलमानों और दलित ईसाईयों को आरक्षण देने की मांग का समर्थन करते हैं.

उन्होंने दिल्ली में कहा, “मुझे हाल तक ये मालूम नहीं था कि धारा 341 में मुसलमान और ईसाई दलित शामिल नहीं है. ये सही नहीं है. दलित दलित है, फिर चाहे वो हिंदू हो, ईसाई हो या मुसलमान. ”

बाबा रामदेव दिल्ली में ऑल इंडिया यूनाइटेड मुस्लिम मोर्चा के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे. कार्यक्रम का आयोजन पूर्व सांसद इल्यास आज़मी ने किया था.

उन्होंने कहा कि सभी दलितों को बराबर का हक मिलना चाहिए और इसे पाने के लिए संघर्ष किया जाना चाहिए.

योग गुरु तीन जून से विदेशों से काले धन को वापिस लाने के पक्ष में एक मुहिम छेड़ रहे हैं.

'मुसलमानों के साथ'

"हम अपने मुसलमान भाईयों और बहनों के साथ हैं. मेरे आश्रम में तीन हज़ार मुसलमान हैं. वहां कोई धर्म नहीं है, कोई पार्टी नहीं और ना ही कोई मंदिर या मस्जिद. "

मुसलमानों के मूल अधिकारों के बारे में ध्यान ना देने पर सरकार की आलोचना करते हुए रामदेव ने कहा कि अल्पसंख्यकों के प्रति उनका जज्बा नया नहीं है.

उन्होंने कहा, “हम अपने मुसलमान भाईयों और बहनों के साथ हैं. मेरे आश्रम में तीन हज़ार मुसलमान हैं. वहां कोई धर्म नहीं है, कोई पार्टी नहीं और ना ही कोई मंदिर या मस्जिद. ”

रामदेव ने इस कार्यक्रम में सरकार के ख़िलाफ और भी तल्ख़ टिप्पणियां कीं.

उन्होंने दावा किया कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि उन्हें पिछले साल जून में रामलीला मैदान से इसलिए हटाया गया था क्योंकि मैदान को ‘राष्ट्र-विरोधी तत्त्वों’ ने घेर रखा था.

रामदेव ने कहा, “वे (सरकार) क्या कहना चाह रहे थे? बाहर एक मस्जिद है. क्या वो ये कहना चाह रहे थे कि आप लोग मुझे मारना चाहते थे. मुझे इस बात पर यकीन नहीं था. मैं आप (मुसलमानों) को अपना भाई समझता हूं.”

बाबा रामदेव पर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से मिलीभगत होने के आरोप लगते रहे हैं. इस वजह से कुछ जानकार उनके मुसलमानों के बारे में बयान को बाबा रामदेव द्वारा अपना आधार बड़ा करने की कोशिश मान रहे हैं.

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