एक तीर से साधे कांग्रेस ने कई निशाने

 बुधवार, 25 अप्रैल, 2012 को 12:55 IST तक के समाचार

मंत्रियों के इस्तीफे की खबर से कई संकेत मिलते हैं

कांग्रेस पार्टी के कुछ मंत्रियों के इस्तीफे देकर संगठन में जाने की इच्छा संबंधी खबर वैसे तो मीडिया लीक ही है, लेकिन इसे पूरी तरह से खारिज भी नहीं किया जा सकता.

दो मंत्रियों ने तो हालांकि इन अटकलों को साफ तौर खारिज कर दिया, लेकिन ऐसा लगता है कि मीडिया लीक के जरिए पार्टी हाईकमान ने इन लोगों को एक संदेश दिया है कि ऐसा हो सकता है.

यही नहीं, पार्टी की ओर से ये सभी नेताओं को कड़ा संदेश है कि किसी को भी और कभी भी बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है.

इसकी वजह भी है. पिछले दो साल से पार्टी का लगातार पतन हो रहा है. आंध्र प्रदेश में उप चुनाव हों या फिर हाल ही में हुए राज्य विधान सभा के चुनाव सभी जगह पार्टी का प्रदर्शन बहुत ही खराब रहा है.

तो हो सकता है कि कुछ लोगों को राज्यों में पार्टी के काम में लगाया जाए.

सहयोगी दल

लेकिन इसके पीछे एक और कारण हो सकता है. वो है सहयोगी दलों को संतुष्ट करना.

ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस की कैबिनेट में मांग बढ़ती जा रही है. ऐसा सुनने में आया है कि ममता बनर्जी ग्रामीण विकास मंत्रालय चाहता हैं. इसलिए हो सकता है कि इस वजह से जयराम रमेश को बाहर करने की बात हो रही है.

वहीं मुलायम सिंह की समाजवादी पार्टी को भी सरकार में शामिल करने की भी बात हो रही है.

इसके अलावा आने वाले दिनों में राष्ट्रपति चुनाव भी होने हैं. इस वजह से भी इन क्षेत्रीय पार्टियों को कांग्रेस अपने पक्ष में रखना चाहती है.

हालांकि ये सब कयास ही हैं, लेकिन यदि कांग्रेस पार्टी की ओर से ऐसा किया गया है तो हो सकता है कि ये एक तीर से कई निशाने साधने के लिए पार्टी की ओर से ये पहला कदम हो.

वैसे पार्टी की ओर से वरिष्ठ नेताओं को भी एक झटका देने की ये कोशिश हो सकती है.

पिछले काफी दिनों से एक बात कांग्रेस पार्टी में देखने को मिली है कि जिसका जो मन करता है, वही बयान दे देता है.

अनुशासन

अनुशासन के लिहाज से भी नेताओं को एक कड़ा संदेश देने की ये एक कोशिश हो सकती है.

इसी क्रम में मंगलवार को तेलंगाना के कांग्रेस सांसदों को निलंबित करने के फैसले को भी देखा जा सकता है.

दरअसल, ये पूरा मामला व्यक्तिगत कम और प्रतीकात्मक ज्यादा है. मतलब जिन चार मंत्रियों के कैबिनेट से बाहर जाने की बात आई है, कोई जरूरी नहीं है कि सिर्फ इन्हीं को बाहर किया जा रहा है. या फिर इनकी कोई गलती है.

इसके पीछे और लोगों को भी संदेश है. जैसे वायलार रवि को आंध्र प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए भेजा जा सकता है.

इसकी वजह ये है कि राजशेखर रेड्डी के परिवार से रवि के अच्छे संबंध हैं और कांग्रेस जगन रेड्डी को वापस पार्टी में लाना चाहती है.

क्योंकि वो नहीं चाहती कि आंध्र जैसा राज्य उसके हाथ से निकल जाए और बिना रेड्डी को वापस लाए ये कहीं से संभव नहीं दिख रहा है.

तो मंत्रियों के इस्तीफे की खबर गलत भले ही हो, लेकिन पार्टी के नेताओं के लिए एक कठोर संदेश जरूर है कि जो होता आया है, अब वैसा नहीं चलेगा.

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