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विदेशों में भी शाहरुख खान की बल्ले-बल्ले

 बुधवार, 4 अप्रैल, 2012 को 20:07 IST तक के समाचार

शाहरुख

शाहरुख को इस बात का एहसास बखूबी है कि विदेशों में उनके चहेतों की भरमार है.

अगर भारत का विदेशों में बेहतरीन प्रतिनिधित्व करने का इनाम हो तो उसे शाहरुख खान को मिलना चाहिए.

विदेश में बॉलीवुड की पहुँच का जाएजा लेकर कुछ ही दिन पहले भारत लौटा हूँ.

लगभग सभी जगह हर बॉलीवुड फैन की जुबान पर अगर किसी का नाम मिला तो वह शाहरुख खान ही था.

यात्रा के दौरान जर्मनी, ब्रिटेन और मोरक्को गया जबकि इटली, स्पेन और हॉलैंड के लोगों से भी लंबी बातचीत की.

सभी का कहना यही है कि वह शाहरुख की वजह से ही बॉलीवुड के करीब आए हैं.

'एक प्रोडक्ट हूँ'

मैंने कई साल पहले शाहरुख खान का एक इंटरव्यू किया था जिसमे उन्होंने कहा था कि वह एक प्रोडक्ट हैं और उनका नाम बिकता है.

मोरक्को

मोरक्को ऐसे देश में शाहरुख खान की फिल्में सुपरहिट रहती हैं.

शायद खुद उन्हें इस बात का एहसास है कि विदेशों में उनके फैन सबसे अधिक हैं.

इसीलिए उनकी कोशिश होती है कि विदेशों में होने वाले लगभग हर फिल्म फेस्टिवल में शिरकत करें.

यह बात जगजाहिर है कि शाहरुख खान बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में हर साल जाते हैं.

कुछ महीने पहले वह मारकेश फिल्म फेस्टिवल में भी गए थे और अब वहां दोबारा जाने कि मंशा रखते हैं.

जर्मनी में जलवा

जर्मनी में बॉलीवुड का नाम रोशन करने वाला कोई और नहीं खुद शाहरुख खान हैं.

देश के एक निजी चैनेल ने उनकी फिल्म 'कल हो न हो' को दिखाया था जिसे करीब 20 लाख लोगों ने टीवी पर देखा. शायद जर्मनी के लोगों ने पहली बार एक साथ बॉलीवुड की पूरी एक फिल्म देखी थी.

लड़कियों में बहुचर्चित होने के अलावा जब वह बर्लिन फिल्म समारोह में गए तो सभी का केंद्र बिंदु बन गए.

एक पत्रकार ने मुझे बताया कि खुद से पूछे गए सवालों के जवाब शाहरुख ने इतनी बखूबी दिए कि लोग उनके दीवाने हो गए.

बॉलीवुड

विदेशों में बॉलीवुड के लोकप्रीय होने में शाहरुख बड़ी वजह रहे हैं.

ब्रिटेन में भी शाहरुख की फिल्मों को लेकर लोगों में दीवानगी किसी से छुपी नहीं है.

जबकि हॉलैंड में विद्वान इस बात का अध्ययन कर रहे हैं कि बॉलीवुड फिल्मों में प्रोडक्ट प्लेसमेंट से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रैंड की बिक्री कितनी बढती है.

मोरक्को में भी शाहरुख खान की ही फिल्में सबसे ज्यादा बिकती हैं और लोग मेरी राष्ट्रीयता का पता चलने पर शाहरुख के बारे में ही पूछताछ कर रहे थे.

रिसर्च का विषय

शाहरुख खान की विदेश में लोकप्रियता के कारण का पता लगाना अपने आप में एक रिसर्च का विषय हो सकता है.

हर जगह मुझे अलग अलग जवाब मिले. जर्मनी में तो वजह साफ़ है, शाहरुख को उनकी फिल्म 'कल हो न हो' की वजह से लोकप्रियता हासिल हुई.

जबकि स्पेन, इटली और स्विट्ज़रलैंड में उनकी पहचान बनी जर्मनी में उनकी लोकप्रियता बढ़ने के कारण.

मोरक्को और मिस्र जैसे देशों में उनकी फिल्मों को उनके अच्छे अभिनय की वजह से सराहा गया. यहाँ के लोगों को तो यहाँ तक लगता है कि बॉलीवुड के दूसरे सितारों से कहीं अच्छी एक्टिंग शाहरुख ही करते हैं.

मैं खुद आमिर खान का फैन हूँ न कि शाहरुख का. उनकी एक्टिंग और फिल्में मुझे कतई पसंद नहीं हैं.

हालाँकि मुझे उनकी एक फिल्म 'चक दे इंडिया' अच्छी ज़रूर लगी थी.

लेकिन विदेशों में शाहरुख की इस कदर लोकप्रियता को देखने के बाद मैंने फैसला लिया है मैं उनकी फिल्में देखना शुरू करूंगा.

कहना गलत नहीं होगा कि विदेशों में भारत की बेहतर होती छवि में शाहरुख खान का भी श्रेय है.

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