नेताओं की फौज के बारे में सोचे बीजेपी : संघ

 सोमवार, 12 मार्च, 2012 को 07:58 IST तक के समाचार

संघ के मुखपत्र पांचजन्य और आर्गेनाइज़र में बीजेपी की आलोचना की गई है

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद भारतीय जनता पार्टी की कड़ी आलोचना की है.

संघ के मुखपत्र आर्गेनाइज़र और पांचजन्य में छपे संपादकीय में कहा गया है कि बीजेपी के लिए 2014 लोकसभा चुनावों में सत्ता में आना कठिन होगा क्योंकि पार्टी में कार्यकर्ता से अधिक नेता हो गए हैं.

पार्टी की कड़ी आलोचना करते हुए संपादकीय कहता है कि क्यों एक बेहतरीन संगठनात्मक संरचना और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बावजूद पार्टी को यूपी में मतदाताओं ने पसंद नहीं किया.

संपादकीय कहता है, ‘‘ भारतीय जनता पार्टी एक सुदृढ सांगठनिक ढांचा और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की एक मजबूत शृंखला होने के बावजूद मतदाता की नज़रों में क्यों नहीं चढ़ सकी. उत्तर प्रदेश में भाजपा को कार्यकर्ताओं से अधिक नेताओं की फौज के बारे में भी सोचना चाहिए.’’ उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में बीजेपी को मात्र 47 सीटें मिली हैं जो 2007 की तुलना में चार सीटों से कम है.

पांचजन्य संपादकीय

"ये परिणाम कई सवाल खड़े करते हैं जिसके जवाब 2014 के चुनावों से पहले ही समय पर खोजने होंगे वरना ये चुनाव पार्टी के लिए अग्निपथ साबित होंगे और इसे पार कर सत्ता में आना कठिन साबित होगा"

आरएसएस ने पार्टी से चुनाव परिणामों की विवेचना करने के लिए कहा है और लिखा है कि ‘‘ये परिणाम कई सवाल खड़े करते हैं जिसके जवाब 2014 के चुनावों से पहले ही समय पर खोजने होंगे वरना ये चुनाव पार्टी के लिए अग्निपथ साबित होंगे और इसे पार कर सत्ता में आना कठिन साबित होगा.’’

संघ का कहना है कि बीजेपी यूपी में कांग्रेस सिंड्रोम से ग्रस्त है जहां पार्टी का लोगों से संपर्क ही नहीं है. संपादकीय के अनुसार ‘‘ उत्तर प्रदेश में बीजेपी भी कांग्रेस जैसी ही है जहां मतदाताओं से संपर्क ही नहीं है उनका. पिछले दस साल में आधे से अधिक वोट शेयर खत्म हो गया है पार्टी का.’’

आर्गेनाइज़र के संपादकीय में कहा गया है कि ‘‘ मुख्य रुप से वैचारिक मुद्दे, सैद्धांतिक रुख और विश्वासपूर्ण नेतृत्व से ही मतदाता आपके पास आता है. पार्टी से अधिक, नेता और नेता से अधिक पूर्व के रिकार्ड चुनाव परिणाम तय करते हैं.’’

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