
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में जबरदस्त जीत हासिल करने के बाद समाजवादी पार्टी के संसदीय बोर्ड और विधायक दल की बुधवार को बैठक होगी.
पंजाब में अकाली दल-भाजपा को भी बहुमत हासिल हो चुका है जबकि उत्तराखंड में त्रिशंकु विधानसभा है और वहाँ राजनीतिक रस्साकशी पर नजर रहेगी.
माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में सपा की बैठक में औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री का नाम घोषित किया जाएगा.
हालांकि मंगलवार को जीतने के बाद अखिलेश यादव ने स्पष्ट कह दिया था कि मुलायम सिंह यादव ही मुख्यमंत्री बनेंगे.
विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिल गया है. 224 सीटों पर समाजवादी पार्टी को जीत हासिल हुई है जबकि बहुमत के लिए उसे 202 सीटों की दरकार थी.
बहुजन समाज पार्टी ने 80 सीटें जीती हैं, जबकि 47 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने सफलता हासिल की है. कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल को कुल मिलाकर 38 सीटें मिली हैं. उत्तर प्रदेश में विधानसभा की कुल 403 सीटें हैं.
पंजाब और उत्तराखंड का हाल
विधानसभा चुनाव नतीजे

उत्तर प्रदेश- समाजवादी पार्टी (224 सीटें), बसपा (79)
पंजाब- अकाली दल (56 सीटें), कांग्रेस (46), भाजपा (12)
उत्तराखंड- भाजपा (32), कांग्रेस (31)
गोवा- भाजपा (21), कांग्रेस (9)
मणिपुर-कांग्रेस (42), तृणमूल (7), एनसीपी (1)
मंगलवार को पहले अटकलें लगाई जा रही थीं कि सपा को शायद स्पष्ट बहुमत न मिले और उसे कांग्रेस की मदद की जरूरत पड़ सकती है. लेकिन दोपहर होते होते ये साफ हो गया था कि सपा अपने दम पर ही सरकार बना लेगी.
वर्तमान विधान सभा का कार्यकाल 18 मई तक है. विधान सभा सचिवालय में जानकार लोगों का कहना है कि राज्य सभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है. इसलिए 30 मार्च से पहले विधान सभा भंग करनी होगी.
वर्ष 2007 में हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में बहुजन समाज पार्टी ने 403 में से सबसे ज्यादा 206, समाजवादी पार्टी ने 97, भाजपा ने 51 और कांग्रेस ने 22 सीटें जीती थीं.
उधर पंजाब में करीब 46 वर्षों के इतिहास को बदलते हुए सत्ताधारी दल होने के बावजूद अकाली दल ने सत्ता में वापसी की है. 117 सीटों में से 56 सीटें अकाली दल के खाते में गई हैं जबकि उसकी गठबंधन सहयोगी भारतीय जनता पार्टी को 12 सीटें मिली हैं.
कांग्रेस को 46 सीटें मिली हैं जबकि तीन सीटों पर अन्य दलों के उम्मीदवार जीते हैं.मनप्रीत बादल की 'पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब' को एक भी सीट नहीं मिली है.
उत्तराखंड में जनता ने किसी भी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया. 70 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस ने 32 सीटें जीती हैं वहीं भाजपा को 31 सीटें मिली हैं.

















