कुशवाहा के बाद क्या अब मायावती की बारी?

 सोमवार, 5 मार्च, 2012 को 05:33 IST तक के समाचार

क्या अब सीबीआई राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन घोटाले के सिलसिले में मुख्यमंत्री मायावती से पूछताछ करेगी?

मायावती के पूर्व सहयोगी बाबू सिंह कुशवाहा ने जिस तरह पूरे घोटाले के लिए अदालत में सारा ठीकरा मायावती के सर फोड़ा है उससे इस बात की संभावना बढ़ गयी है कि सीबीआई मायावती से उनकी भूमिका के बारे में सवाल- जवाब करे.

विशेषकर इसलिए कि मायावती कुशवाहा से पहले स्वयं भी परिवार कल्याण विभाग की मंत्री थीं , जो इस सारे घोटाले के केंद्र में है.

सीबीआई ने बाबू सिंह कुशवाहा और बहुजन समाज पार्टी के विधान परिषद सदस्य राम प्रसाद जायसवाल को गिरफ्तार कर शनिवार की शाम गाज़ियाबाद की अदालत में पेश किया था.

अदालत में दिए गए बयान में कुशवाहा ने अपने को निर्दोष बताते हुए विभाग में खरीद फरोख्त और तबादलों के सभी निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री मायावती को जिम्मेदार बताया था.

'मायावती से हो पूछताछ'

कुशवाहा के अनुसार ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम से सम्बंधित निर्णय लेने के लिए दो समितियां बनी थीं. इनमे से एक की अध्यक्ष स्वयं मायावती थीं और दूसरी की मुख्य सचिव.

अदालत से बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने अदालत को सारी स्थिति स्पष्ट कर दी है.

कुशवाहा के वकील अजय विक्रम सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य मिशन के धन आबंटन के सम्बन्ध में अब सीबीआई को मायावती से पूछ्ताछ करनी चाहिए.

दूसरे अभियुक्त राम प्रसाद जायसवाल ने कहा कि वह निजी कंपनी चलाते हैं और स्वास्थ्य मिशन का कोई धन उनकी कम्पनी को नही मिला.

हालाकि सीबीआई को जानकारी है कि बाबू सिंह कुशवाहा के परिवार कल्याण मंत्री रहते जायसवाल ही परिवार कल्याण विभाग में तैनातियों से लेकर खरीद फरोख्त तक सभी फैसले करते थे. इसीलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया.

बसपा का पक्ष

सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी के नेताओं का कहना है कि घोटाले के लिए कुशवाहा और जायसवाल का गठजोड जिम्मेदार था और मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी नही थी.

लेकिन ये बात किसी के गले नही उतरती. विशेषकर इसलिए कि कुशवाहा मुख्यमंत्री के बगल की कोठी में रहते थे और उनका अधिकांश समय मुख्यमंत्री निवास पर बीतता था.

दूसरे ये कि मायावती ने अपने सारे मंत्रियों को अधिकारहीन कर रखा था और तबादले से लेकर टेंडर आदि के सभी छोटे बड़े फैसले पंचम तल पर मुख्यमंत्री कार्यालय में होते थे.

लेकिन सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि कुशवाहा ने अभी तक केवल अपने को निर्दोष बताते हुए जिम्मेदारी मायावती पर डाली है. लेकिन ऐसे कोई सबूत नही दिए जिससे ये साबित होता हो कि रिश्वत का धन मायावती तक पहुंचा.

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