bbc.co.uk navigation

कुडनकुलम बयान पर मनमोहन सिंह को कानूनी नोटिस

 बुधवार, 29 फ़रवरी, 2012 को 01:25 IST तक के समाचार

कोडनकुलम परमाणु संयंत्र तमिलनाडु के तिरुनलवेली जिले में स्थित है

कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे परमाणु विरोधी कार्यकर्ता एसपी उदयकुमार ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की टिप्पणी को लेकर मंगलवार को उन्हें कानूनी नोटिस भेजा है.

मनमोहन सिंह ने प्रतिष्ठित 'साइंस' पत्रिका से बातचीत में कहा था कि अमरीका और स्कैंडिनेवियाई देशों के एनजीओ अक्सर कुडनकुलम के आसपास विरोध प्रदर्शनों के लिए मदद करते हैं.

उदयकुमार के वकील एम. राधाकृष्णन ने नोटिस में कहा कि उऩके मुवक्किल उदयकुमार के खिलाफ इस बयान के लिए कोई आधार नहीं है जो विरोध प्रदर्शन के समन्वयक हैं.’’

उन्होंने कहा कि उदयकुमार प्रधानमंत्री के इस ‘झूठे बयान’ से बुरी तरह आहत हैं.

मानहानि

नोटिस के अनुसार मनमोहन सिंह इस बयान से मानहानि के दायरे में आ सकते हैं.

नोटिस में आगे कहा गया है कि उदय कुमार को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री अपने बयान में आवश्यक संशोधन करेंगें.

कुछ दिनों पहले 'पीपुल्स मूवमेंट' के संयोजक एसपी उदय कुमार ने परियोजना में देरी का ठीकरा अमरीका के गैर सरकारी संगठनों के सिर फोड़ने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आड़े हाथों लेते हुए उनसे अपना बयान वापस लेने या इस्तीफा देने की मांग की थी.

उदय कुमार ने कहा था, ''प्रधानमंत्री को ये साबित करना चाहिए कि कुडनकुलम परियोजना का विरोध अमरीका प्रायोजित है. हम राजनीतिक लाभ के लिए नहीं लड़ रहे हैं.''

अमरीका और अन्य देशों से आर्थिक मदद मिलने के आरोपों पर, टाइम्स नॉउ न्यूज चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा, ''ये एकदम बकवास बात है. हमें किसी से कोई धन नहीं मिल रहा है.''

क्या बोले थे मनमोहन

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कुडनकुलम परमाणु संयंत्र शुरू होने में देरी के लिए अमरीका के गैर सरकारी संगठनों को जिम्मेदार बताया है.

मनमोहन सिंह ने प्रतिष्ठित 'साइंस' जर्नल से कहा कि ये समूह भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को नहीं समझ पा रहे हैं.

कुडनकुलम परमाणु संयंत्र तमिलनाडु के तिरुनलवेली जिले में स्थित है जहां एक हजार मेगावॉट के दो संयंत्र शुरू होना है.

मनमोहन सिंह ने कहा था , ''भारत का परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम गैर सरकारी संगठनों की वजह से मुश्किलों में पड़ गया है. मेरा मानना है कि इनमें से ज्यादातर अमरीकी है जो हमारे देश की ऊर्जा आपूर्ति की बढ़ती जरूरतों को नहीं मानते.''

मनमोहन सिंह ने ये भी कहा कि भारत में जैनेटिक्ली मोडिफ़ाइड फ़सलों की पैदावार का भी अमरीका और स्कैंडिनेविया के मुल्कों में विरोध हुआ है.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

BBC © 2012 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.