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मंत्रियों पर सदन के भीतर पॉर्न वीडियो देखने का आरोप

 बुधवार, 8 फ़रवरी, 2012 को 02:36 IST तक के समाचार
तस्वीर टीवी9 से

विपक्ष ने मंत्रियों से इस्तीफ़ा मांगा है.

कर्नाटक में भाजपा सरकार के दो मंत्रियों को विधान सभा की कार्यवाही के दौरान अपने मोबाइल फ़ोन पर कथित तौर पर पॉर्न वीडियो देखते हुए कैमरे में क़ैद किया गया है.

एक स्थानीय टीवी चैनल ने सहकारिता मंत्री लक्ष्मण सवादी और महिला एवं बाल विकास मंत्री सीसी पाटिल को एक वीडियो देखते हुए दिखाया गया है.

सवादी ने बाद में माना कि उन्होंने ये वीडियो देखा है लेकिन वे इसे अपराध नहीं मानते.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार लक्ष्मण सवादी ने कहा, "ये फ़िल्म एक अन्य मंत्री कृष्णा पालेमर के मोबाईल फ़ोन पर थी. वीडियो क्लिप में औरतें नाच रही थीं और बाद चार आदमियों ने उनका बलात्कार किया. पालेमर ने मुझे बताया कि विदेशों में ऐसी रेव पार्टियां होती हैं. चूंकि सदन में माल्पे में हुई रेव पार्टी पर चर्चा चल रही थी मैंने ये फ़िल्म देखी."

सवादी ने कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है और ये फ़िल्म उनेक मोबाइल पर नहीं है.

बाद में ये फ़ूटेज कई अन्य स्थानीय और राष्ट्रीय चैनलों पर भी देखी गई है. इस फ़ूटेज में पहले सवादी अपने फ़ोन पर एक वीडियो देख रहे हैं और उसके बाद थोड़ी देर के लिए पाटिल भी उनके पास आते हैं.

ये दोनों मंत्री उत्तरी कर्नाटक के ज़िलों से हैं और इस घटना के बाद से इनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है.

विपक्ष ने इन दोनों का त्यागपत्र और सदस्यता भंग करने की मांग रखी है.

'गेंद अध्यक्ष के पाले में'

"अगर मंत्रियों को सदन के भीतर पॉर्न वीडियो देखने का दोषी पाया गया है तो इसपर विधान सभा अध्यक्ष ही को कार्रवाई कर सकते हैं. मैंने इस बारे में टीवी फ़ूटेज नहीं देखी है."

सदानंद गौड़ा, मुख्यमंत्री

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा चिकमगलूर ज़िले की यात्रा पर हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा, “अगर मंत्रियों को सदन के भीतर पॉर्न वीडियो देखने का दोषी पाया गया है तो इसपर विधान सभा अध्यक्ष ही को कार्रवाई कर सकते हैं. मैंने इस बारे में टीवी फ़ूटेज नहीं देखी है. ”

विधानसभा अध्यक्ष केजी बोपय्या ने कहा, “मैं इस मामले पर ग़ौर कर रहा हूं. क़ानून अपना काम करेगा. ”

कर्नाटक में विधान सभा सचिवालय दूरदर्शन के अलावा स्थानीय निजी टीवी चैनलों को भी सदन की कार्यवाही का प्रसारण करने की अनुमति देता है.

विपक्षी दल कांग्रेस के नेता सिद्दारमैय्या ने दोनों मंत्रियों के इस्तीफ़े की मांग करते हुए कहा है कि अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें बर्ख़ास्त कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि बुधवार को इन मंत्रियों को सदन में दाख़िल नहीं होने देना चाहिए.

जेडीएस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारास्वामी ने भी मंत्रियों को हटाए जाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि इन दोनों विधान सभा सदस्यता भी छीन लेनी चाहिए.

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