BBC navigation

2जी फैसले पर बीजेपी कांग्रेस में वाकयुद्ध जारी

 शुक्रवार, 3 फ़रवरी, 2012 को 20:30 IST तक के समाचार
अभिषेक मनु सिंघवी

अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, ''हमें किसी नीति को चलाने के लिए सज़ा नहीं दी जा सकती.''

सुप्रीम कोर्ट के 2जी स्पैक्ट्रम के आवंटन को रद्द करने के फ़ैसले को लेकर कड़ी आलोचना का सामना कर रही कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा है.

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि बीजेपी कानूनी फैसलों को राजनीतिक बना कर उसका फायदा उठाने का प्रयास कर रही है.

उधर बीजेपी ने सरकार की आलोचना जारी रखी है. बीजेपी ने उसी नीति की कड़े शब्दों ने निंदा की है. पार्टी के नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि रद्द किए गए सारे लाइसेंसों का आवंटन यूपीए सरकार के दौरान साल 2008 में हुआ था.

लेकिन कांग्रेस प्रवक्ता सिंघवी ने कहा, ''बीजेपी का उद्देश्य हो गया है कि उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय जैसी संस्थाओं द्वारा कानूनी निर्णयों को तोडफोड़ कर राजनीतिक बनाया जाए, कानूनी सिद्धांतो के आधार पर सनसनी फैलाई जाए और संस्थाओं को अपमान के घेरे में लाया जाए.''

पहले आओ पहले पाओ पर बहस

सिंघवी ने कहा कि ऐसा बीजेपी ने गुरुवार के निर्णय में और इससे पहले लोकसेवकों के विरूद्ध क़ानूनी कार्रवाई की इजाज़त के फ़ैसले में किया. उन्होंने कहा कि वे इसे 'गैरज़िम्मेदारी का उत्तम उदाहरण मानते हैं.'

उन्होंने कहा कि 'पहले आओ पहले पाओ' की नीति का अब बीजेपी विरोध कर रही है लेकिन उसे बनाने वाली और प्रोतसाहित करने वाली बीजेपी ही थी.

लेकिन भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कांग्रेस के इस तर्क को ख़ारिज करते हुए कहा, ''उन्होंने 'पहले आओ, पहले पाओ' की नीति का नाजायज़ फायदा उठाया है और उसमें फेरबदल किया.''

भाजपा के नेता जसवंत सिंह ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत करते हुए कहा कि यह बहुत शर्मनाक है कि भारत की टेलीकॉम क्रांति यूपीए की हरकतों से 'कलंकित' हो रही है.

पूर्व वित्तमंत्री ने कहा, ''मैं (अदालत के फ़ैसले पर) सरकार की पहली प्रतिक्रया से भी निराश हूँ जो दूरसंचार मंत्री कपिल सिबल ने की है जिसमें उन्होंने सारी ज़िम्मेदारी एनडीए और पिछले एक साल से जेल में बंद एक (पूर्व) मंत्री पर डाली है.'' उन्होंने इस टिप्पणी को 'कपटपूर्ण' बताया.

ग़ौरतलब है कि 2जी मामले में गुरुवार को अहम फ़ैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 11 कंपनियों के सभी 122 लाइसेंसों को अवैधानिक ठहराते हुए रद्द कर दिया था.

इससे पहले 31 जनवरी को एक दूसरे फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सरकार को किसी भी लोकसेवक के विरूद्ध क़ानूनी कार्रवाई की इजाज़त चार माह के भीतर देनी होगी वरना माना जाएगा कि इसके लिए इज़ाज़त मिल गई है.

बीजेपी 'ज़िम्मेदार'

"सरकार ने 'पहले आओ, पहले पाओ' की नीति का नाजायज़ फायदा उठाया है और उसमें फेरबदल किया"

मुरली मनोहर जोशी

सिंघवी ने कहा कि पछले 18 महीनों से बीजेपी की कोशिश रही है कि कोर्ट प्रधानमंत्री के विषय में कुछ कहे जिससे वह हल्ला करें. लेकिन अदालत ने ऐसा नहीं किया है.

उन्होंने कहा कि एक वाक्य में नहीं बल्कि कई पैरों में दोनों निर्णयों में यह कहा गया कि प्रधानमंत्री इसके लिए किसी प्रकार से ज़िम्मेदार नहीं हैं.

लोकसेवक के विरूद्ध क़ानूनी कार्रवाई की इजाज़त के फैसले पर सिंघवी ने कहा कि इसमें हर सरकार में विलंब होता रहा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी यह भूल रही है कि इसके लिए वह ज़िम्मेदार है.

उन्होंने कहा कि उन्होंने संसदीय समिति में लिखित रूप से सभी अनुमतियों को हटाने का सुझाव दिया था. इसे सरकार ने माना भी और विधेयक भी लाई.

उन्होंने कहा कि बीजेपी के पूरे विरोध के बावजूद इसे लोक सभा में पास भी कराया गया लेकिन आँकड़े न होने की वजह से यह राज्य सभा में पारित नहीं हो सका.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

इसी विषय पर और पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.