चुनावी दंगल में दो 'बेगमों' की लड़ाई!

 रविवार, 29 जनवरी, 2012 को 13:15 IST तक के समाचार
रज़िया सुल्ताना

रज़िया सुल्ताना दो बार पहले भी विधायक रह चुकी हैं.

पंजाब भारत का एकमात्र राज्य हैं जहाँ सिख बहुसंख्यक हैं और उसके बाद हिंदुओं का प्रतिशत है. लेकिन यहाँ करीब 20 से 25 लाख मुसलमान आबादी भी है.

मौजूदा विधानसभा में सिर्फ़ एक मुसलमान विधायक थी- मलेरकोटला से रज़िया सुल्ताना. मलेरकोटला पंजाब का एकमात्र मुस्लिम बहुल इलाक़ा जो लुधियाना से करीब 45 किलोमीटर की दूरी पर है. यहाँ दो 'बेगमों' के बीच एक दिलचस्प चुनावी जंग चल रही है.

कांग्रेस की ओर से रज़िया सुल्ताना चुनाव लड़ रही हैं जो दो बार पहले भी विधायक रह चुकी हैं. वहीं भाजपा-अकाली दल ने फ़रज़ाना ख़ातून को उतारा है.

हालांकि टीकाकार ये भी कह रहे हैं कि असली लड़ाई दोनों महिला उम्मीदवारों के पतियों के बीच हैं जो आईपीएस अधिकारी हैं.

फ़रज़ाना ख़ातून के पति मोहम्मद इज़हार आलम हैं जो पूर्व डीजीपी (प्रिज़न्स) हैं तो रज़िया के पति मोहम्मद मुस्तफ़ा हैं जो वर्तमान में अतिरिक्त डीजीपी के पद पर हैं. वैसे अमरगढ़ से 28 बरस की रुख़साना लोक जनशक्ति पार्टी से उम्मीदवार हैं.

कांग्रेस का साथ

पंजाब की राजनीतिक मुलसमान पार्टी मजलिस अहरार इस्लाम है जिसने पिछली बार अकाली दल का समर्थन किया था.

लेकिन इस बार लुधियाना के शाही इमाम ने कांग्रेस के साथ जाने की घोषणा की है.

मजलिस अहरार इस्लाम के नेता मोहम्मद उस्मान रहमानी कहते हैं, “अकाली दल ने भारतीय जनता पार्टी के दबाव में आकर वो वादे पूरे नहीं किए जो उसने मुसलमानों से किए थे. इसलिए हमारे उनसे मतभेद हो गए. नए दल पीपल्स पार्टी ऑफ़ पंजाब के मनप्रीत बादल अभी इस स्थिति में नहीं हैं कि अपने बूते पर सरकार बना सकें. इसलिए पंजाब के शाही इमाम ने सबसे मशवरा करके फ़ैसला किया कि कांग्रेस को समर्थन किया जाए ताकि किसी एक पार्टी को बहुमत मिल सके.”

मजलिस अहरार इस्लाम पार्टी ने मुसलमान समुदाय की तीन-चार मुख्य माँगे रखी हैं.

बड़े शहरों में 12वीं तक के लिए आधुनिक इस्लामिक शिक्षा का इंतज़ाम किया जाए, ज़िलों की शिकायत समितियों में मुसलमानों की नुमाइंदगी, मुसलमानों की वक्फ़ जायदात महफ़ूज़ रखे जाना और मुस्लमान बच्चों के लिए ओबीसी सर्टिफ़िकेट.

हालांकि कई ऐसी चुनावी सीटें भी हैं जहाँ मुसलमान आबादी है जिसमें लुधियाना, जालंधर, फ़िरोज़पुर, पठानकोट, खन्ना और फ़रीदकोट जैसे इलाक़े शामिल है.

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