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नेहरू जैकेट है 'राजनीतिक फ़ैशन' स्टेटमेंट

 शुक्रवार, 13 जनवरी, 2012 को 13:47 IST तक के समाचार
नेहरू और गांधी

नेहरू जैकेट को टाइम मैगज़ीन ने अपनी सूची में सातवें स्थान पर रखा है

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के पसंदीदा पहनावे जैकेट को टाइम मैगज़ीन ने दुनिया भर में 'राजनीतिक फ़ैशन' के टॉप 10 में जगह दी है. उस जैकेट को पंडित नेहरू के नाम पर ही 'नेहरू जैकेट' कहा जाता है.

टाइम मैगज़ीन की रिपोर्ट जवाहर लाल नेहरू के बारे में कहती है, “कुछ हस्तियां अपने पसंदीदा फ़ैशन को चर्चित कर देते हैं, लेकिन ऐसी कुछ ही हस्तियां होती हैं जिनके स्टाइल से प्रेरित होकर उनके नाम पर ही पोशाकों का नाम रख दिया जाता है. ऐसी ही हस्ती थे भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, जिन्होंने स्वतंत्र भारत की बागडोर संभाली.”

"पश्चिमी सभ्यता में साड़ी को उतनी स्वीकृति नहीं दी जाती क्योंकि उन्हें इसे पहनने के तौर तरीकों के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं होती. चूंकि नेहरू जैकेट एक तरह का जैकेट ही है, जिसे पश्चिमी सभ्यता में समझना आसान है, इसलिए शायद इसे ही चुना गया."

रितु कुमार, फ़ैशन डिज़ाइनर

नेहरू जैकेट की व्याख्या करते हुए रिपोर्ट कहती है, “नेहरू जैकेट उत्तर भारतीय पोशाक अचकन का ही एक रूप है. अचकन एक बंद गले के कोट जैसी पोशाक होती है, जिसे अक़सर भारत के उच्च-वर्गीय लोग पहनना पसंद करते हैं. जब इस जैकेट को पश्चिमी देशों में चर्चित किया गया, तब इसे नेहरू के नाम से जोड़ा गया.”

नेहरू जैकेट को टाइम मैगज़ीन ने अपनी सूची में सातवें स्थान पर रखा है, जिसके बाद लीबिया के पूर्व शासक कर्नल मुअम्मर गद्दाफ़ी के कपड़े, अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के ‘पैंट-सूट’ और 2008 में अमरीकी चुनाव के दौरान रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवार सारा पैलिन के चश्मे को क्रमानुसार आठवाँ, नौवाँ व दसवाँ स्थान मिला है.

साड़ी या धोती क्यों नहीं?

राजनीतिक फ़ैशन सूची

  1. पैनसिल्वेनिया के पूर्व सिनेटर रिक सैंटोरम का बिना बाजू का स्वेटर
  2. क्यूबा के पूर्व शासक फ़िदैल कास्त्रो के ट्रैकसूट
  3. अमरीकी राजनीति में शामिल हर पुरुष
  4. किम जॉन्ग इल का खाकी सफ़ारी सूट व काला चश्मा
  5. पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर का कार्डिगन
  6. माओ त्से तुंग का जूंगशान सूट
  7. जवाहरलाल नेहरू की जैकेट
  8. मुअम्मर गद्दाफ़ी की हर पोषाक
  9. हिलेरी क्लिंटन के पैंट-सूट
  10. सारा पेलिन का चश्मा

आमतौर पर जब भारतीय पोषाक या भारतीय पारंपरिक फ़ैशन की बात की जाती है, तो कुरता-पजामा, धोती, साड़ी जैसी पोषाकें ही ज़हन में आती हैं.

ऐसे में टाइम मैगज़ीन का ये आकलन सवाल खड़े करता है कि नेहरू जैकेट को ही इस सूची में क्यों शामिल किया गया.

इस पर फ़ैशन डिज़ाइनर रितु कुमार का कहना था, “पश्चिमी सभ्यता में साड़ी को उतनी स्वीकृति नहीं दी जाती क्योंकि उन्हें इसे पहनने के तौर तरीकों के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं होती. चूंकि नेहरू जैकेट एक तरह का जैकेट ही है, जिसे पश्चिमी सभ्यता में समझना आसान है, इसलिए शायद इसे ही चुना गया.”

रितु कुमार का कहना है कि आज के समय में ज़्यादातर भारतीय राजनेताओं का नेहरू जैकेट पहनना ये दर्शाता है कि हमारा फ़ैशन अपने आप में ही अनूठा है.

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, “ज़्यादातर देशों की पोशाकें पश्चिमी सभ्यता या यूरोप के पहनावे से प्रभावित होती हैं. सौभाग्य से भारत में ऐसा नहीं हुआ और हमनें अपनी ही एक फ़ैशन स्टेटमेंट बनाई है और उस स्टेटमेंट में नेहरू जैकेट एक अहम कड़ी है.”

कास्त्रो का मशहूर ट्रैक सूट

फ़िदेल कास्त्रो

क्यूबा के पूर्व शासक फ़िदेल कास्त्रो के बेहद चर्चित ट्रैक सूट को इस सूची में दूसरा स्थान मिला है

क्यूबा के पूर्व शासक फ़िदेल कास्त्रो के बेहद चर्चित ट्रैक सूट को इस सूची में दूसरा स्थान मिला है.

टाइम पत्रिका कहती है, “क्यूबा के पूर्व नेता फ़िदेल कास्त्रो को 2006 में हुई उनकी सर्जरी के बाद एडीडास के ट्रैकसूट में देखा गया. तब से लेकर अब तक 85-वर्षीय कास्त्रो ने दूसरे ब्रांड के ट्रैक सूटों को भी बेहद चर्चित किया है. फ़िला, प्यूमा, नाइकी जैसे ब्रांडों के ट्रैक सूटों में ही फ़िदेल कास्त्रो दिखाई देते रहे हैं. हालाँकि नाइकी ब्रांड की बिक्री पर क्यूबा में रोक लगी हुई है क्योंकि 40 साल से क्यूबा और अमरीका के बीच व्यापार पर ही रोक लगी हुई है.”

सूची में नेहरू से एक स्थान ऊपर हैं चीन के संस्थापक माने जाने वाले माओ त्से तुंग, जिनके ‘जूंगशान सूट’ को उनका स्टाइल स्टेटमेंट माना गया है.

माओ त्से तुंग के 30 साल के शासन के दौरान चार जेबों वाले जूंगशान सूट को माओ सूट के नाम से भी जाना जाने लगा था.

जूंगशान सूट एक तरह का सफ़ारी सूट ही है, जिसे माओ त्से तुंग ने काफ़ी चर्चित किया.

चीनी क्रांतिकारी सुन यात्सेन के बाद माओ त्से तुंग ने इस सूट को चर्चित किया.

इस सूट के बारे में टाइम मैगज़ीन कहती है, “आज इस सूट को कम्युनिस्ट शासन के साथ-साथ माओ त्से तुंग का प्रतीक माना जाता है. हालांकि 1976 में माओ की मौत के बाद चीनी शासकों ने पश्चिमी बिज़नेस सूट को अपना लिया.”

पहले नंबर पर हैं अमरीकी राज्य पैनसिल्वेनिया के पूर्व सीनेटर रिक सैंटोरम, जिनके बिना बाजू के स्वेटरों ने उन्हें सबकी नज़र में ला दिया क्योंकि उन्होंने परंपरा के ख़िलाफ़ जा कर सूट से ज़्यादा स्वेटर को तवज्जो दी.

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