
एक अनुमान के मुताबिक मायावती ने नोएडा मेमोरियल पार्क को बनवाने में 685 करोड़ रुपए खर्च किए हैं.
चुनाव आयोग के आदेश पर मुख्यमंत्री मायावती की मूर्तियों और उनके चुनाव चिन्ह हाथी की मूर्तियों को ढकने का काम सोमवार से शुरू किया जा रहा है.
रविवार को ज़िला प्रशासन के आदेश पर निर्माण निगम ने मूर्तियों को ढकना शुरू ही किया था जब विकास निगम ने मौक़े पर पहुँचकर काम रुकवा दिया.
उनका कहना था कि मूर्तियों का निर्माण उन्होंने किया था इसलिए उन्हें ढकने का अधिकार भी उनका ही है.
ग़ौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त वाईएस कुरैशी ने शनिवार को चुनाव आचार-संहिता के तहत राज्य में लगी मायावती और हाथियों की सभी मूर्तियों को ढकने का निर्देश दिया था.
मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने उनकी पार्टी के चुनाव चिह्न हाथी की मूर्तियों को ढकने संबंधी चुनाव आयोग के आदेश की आलोचना की है और आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा किया है.
दिल्ली से सटे नोएडा के दलित प्रेरणा स्थल पार्क में भी मायावती, बसपा के पूर्व प्रमुख कांशीराम और पचास से भी ज़्यादा हाथी की मूर्तियां लगाई गईं हैं जिन्हें चुनावा आयोग के निर्देशानुसार ढका जाना है.
बीबीसी संवाददाता इक़बाल अहमद ने सोमवार को पार्क जाकर देखा कि वहां क्या काम हो रहा है.
इक़बाल अहमद के अनुसार नोएडा के पार्क में लगी मूर्तियों को ढकने का काम सोमवार दोपहर तक शुरू नहीं हो पाया है.
वहां सारे मीडिया के लोग इस इंतज़ार में खड़े हैं कि कब काम शुरू होगा.
इस बीच सोमवार की सुबह गौतमबुद्धनगर ज़िले के एडीएम प्रशासन सर्वजीत राम ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पहले इन मूर्तियों को पन्नी से ढकने का फ़ैसला किया गया था लेकिन फिर उन्हें कपड़ों से ढकने का फ़ैसला किया गया है.
सर्वजीत राम के अनुसार सोमवार सुबह से ही नोएडा प्राधिकरण के दफ़्तर में अधिकारियों की बैठक चल रही है जिसमें ये तय किया जाएगा कि उन मर्तियों को ढकने में कितने कपड़े ख़र्च होंगे और कौन सी संस्था ये काम करेगी.
सर्वजीत राम के अनुसार इस बैठक के बाद ही ये फ़ैसला होगा कि मूर्तियों को ढकने का काम कब शुरू होगा.
बुधवार तक का समय
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश प्रशासन को निर्देश दिया था कि सार्वजनिक स्थलों में निर्मित हाथियों और मुख्यमंत्री मायावती की मूर्तियों को 11 जनवरी शाम पाँच बजे तक ढक दिया जाए.
आयोग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि ज़िला निर्वाचन अधिकारियों को मूर्ति ढकने का काम पूरा करने की रिपोर्ट आयोग में 11 जनवरी शाम सात बजे तक दाख़िल करनी होगी.
मूर्तियों को ढकने पर आने वाला ख़र्च स्थानीय प्रशासन वहन करेगा.
कई पार्टियों ने हाथी की मूर्तियों को हटाने की माँग भी की थी. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव आठ फ़रवरी से शुरू होने हैं.
एक अनुमान के मुताबिक़ मायावती ने नोएडा मेमोरियल पार्क को बनवाने में 685 करोड़ रुपए खर्च किए हैं.
दलित नेताओं को श्रद्धांजलि देने के लिए बनाए इस पार्क में मायावती, कांशीराम और डॉक्टर भीमराव आम्बेडकर समेत क़रीब 24 मूर्तियाँ बनवाई हैं.

















