राजा का गवाहों से जिरह करने से इनकार

 शुक्रवार, 11 नवंबर, 2011 को 23:25 IST तक के समाचार

पूर्व केंद्रीय दूर संचार मंत्री और द्रमुक नेता ए राजा फ़रवरी 2011 से जेल में बंद हैं

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के मामले की सुनवाई शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत में शुरु हुई और इस मामले के मुख्य अभियुक्त ए राजा ने गवाहों के साथ जिरह करने से ये कहते हुए इनकार किया कि अभी इस मामले की जाँच जारी है इसलिए सुनवाई नहीं होनी चाहिए.

ए राजा के वकील का कहना था कि लूप टेलीकॉम को भी 2जी स्पेक्ट्रम का लाइसेंस दिया गया था और सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि अभी इस मामले की जाँच जारी है.

उनका कहना था कि जाँच जारी रहते हुए सुनवाई शुरु नहीं की जा सकती.

लेकिन अदालत ने इस आधार पर ए राजा को राहत देने से इनकार कर दिया.

मामले की सुनवाई कर रहे विशेष अदालत के न्यायाधीश ओपी सैनी ने कहा, "मैं ए राजा की ओर से किसी और आवेदन पर विचार कर सकता हूँ लेकिन इस आधार पर सुनवाई नहीं रोकी जा सकती."

तर्क

ए राजा की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ वकील सुशील कुमार ने कहा, "सरकारी वकील से पूछिए कि क्या इस मामले की जाँच पूरी हो चुकी है. मैं ये समझ नहीं पा रहा हूँ कि आप (न्यायाधीश) जाँच पूरी होने का इंतज़ार क्यों नहीं कर रहे हैं. मैं गवाहों से जिरह करने से इनकार करता हूँ."

"सीबीआई ये क्यों नहीं बताती कि क्या इस मामले की जाँच पूरी हो गई है? मैं बेवजह अदालती कार्रवाई में बाधा नहीं डालना चाहता, लेकिन सीबीआई ये तो कहे कि सभी 17 अभियुक्तों की जाँच पूरी हो गई है"

सुशील कुमार, ए राजा के वकील

उनका तर्क था कि लूप टेलीकॉम के मामले की जाँच अभी जारी है और ये मामला सुप्रीम कोर्ट में है, इस आधार पर इस मामले की सुनवाई विशेष अदालत में टाली जा सकती है.

उन्होंने कहा, "सीबीआई ये क्यों नहीं बताती कि क्या इस मामले की जाँच पूरी हो गई है? मैं बेवजह अदालती कार्रवाई में बाधा नहीं डालना चाहता, लेकिन सीबीआई ये तो कहे कि सभी 17 अभियुक्तों की जाँच पूरी हो गई है."

न्यायाधीश की ओर से ए राजा का आवेदन ख़ारिज किए जाने के बाद रिलायंस कैपिटल के वाइस प्रेसिडेंट आनंद सुब्रमण्यम का बयान दर्ज किया गया.

रिलायंस अनिल धीरुभाई अंबानी समूह (एडीएजी) के प्रेसिडेंट एएन सेतुरामन का बयान पूरा दर्ज नहीं किया जा सका.

ए राजा की ओर से गवाहों से जिरह न करने के फ़ैसले का बचाव पक्ष के एक और वकील मजीद मेमन ने विरोध किया और कहा, "अगर वे गवाहों से जिरह नहीं करेंगे तो हम ये कैसे जान सकेंगे कि वे क्या कहना चाहते हैं, हम उनके सहारे चल रहे हैं."

मामले की सुनवाई 14 नवंबर को जारी रहेगी.

इस मामले में क़रीब 150 गवाहों के बयान लिए जाने हैं.

पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए राजा और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी डीएमके सांसद कनिमोड़ी इस मामले के मुख्य अभियुक्तों में से हैं.

वैसे तो इस बात पर विवाद है कि ए राजा के विवादास्पद फ़ैसलों से भारत सरकार को राजस्व का कितना नुक़सान पहुँचा लेकिन नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) के आंकड़ों के अनुसार इसमें 1.76 लाख हज़ार करोड़ राजस्व का नुक़सान हुआ.

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