भाजपा:मामला ख़त्म करने वाले चिदंबरम कौन?

 शुक्रवार, 30 सितंबर, 2011 को 04:00 IST तक के समाचार

भाजपा ने कहा कि मामले को ख़त्म करने की घोषणा करने वाले चिदंबरम कौन होते हैं.

2जी स्पेक्ट्रम विवाद पर वित्त मंत्रालय के नोट से प्रणब मुखर्जी और पी चिंदबरम के बीच उपजे विवाद के शांत होने पर भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि मुखर्जी के बयान को स्वीकार करने वाले और मामले को ख़त्म करने की घोषणा करने वाले चिदंबरम कौन होते हैं.

भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में चिदंबरम की भूमिका की सीबीआई जांच होनी चाहिए , उन्हें कई सवालों के जवाब देने हैं.

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सारी परिस्थितियों से यह साफ हो गया है कि गृह मंत्री पी चिदम्बरम इस मामले में दोषी हैं और उन्हें पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि इस मामले को दो मंत्रियों के बीच का मामला बताया जाना हास्यास्पद है

उन्होंने कहा कि यह जनता के अरबों रुपए की लूट का मामला है और निश्चित रूप से इस मामले को उन्हें आरोपी के कहने से बंद नहीं किया जा सकता.

रविशंकर प्रसाद, भाजपा

"इस मामले को दो मंत्रियों के बीच का मामला बताया जाना हास्यास्पद है उन्होंने कहा कि यह जनता के अरबों रुपए की लूट का मामला है और निश्चित रूप से इस मामले को उन्हें आरोपी के कहने से बंद नहीं किया जा सकता"

प्रसाद ने कहा कि चिदंबरम एक आरोपी हैं और उनकी भूमिका की जांच होनी चाहिए.

प्रणब-चिदंबरम शांति-समझौता

इससे पहले, वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने गृहमंत्री पी चिदंबरम की उपस्थिति में एक बयान जारी किया कि जिस दस्तावेज़ को लेकर विवाद है उसमें लिखी बातें उनके विचार नहीं हैं.

उनका कहना था कि सरकार ने अक्तूबर, 2003 में बनी नीति के आधार पर स्पेक्ट्रम का आवंटन किया था और वे इससे पूरी तरह से सहमत हैं.

उन्होंने इस विवादित दस्तावेज़ की यह कहकर उपेक्षा करने की कोशिश की कि कुछ मंत्रालय के अधिकारियों ने आपसी चर्चा करके इसे तैयार किया था और एक बैकग्राउंड पेपर की तरह प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा था और इसमें कई तरह निष्कर्ष निकाले गए हैं और व्याख्या की गई है.

प्रणब मुखर्जी के बयान के बाद पी चिदंबरम ने कहा कि वे प्रणब मुखर्जी के बयान से सहमत हैं.

दोनों मंत्रियों ने यह बयान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात के बाद जारी किया और इसे दोनों मंत्रियों के बीच शांति-समझौते के रूप में देखा जा रहा है.

सूचना के अधिकार के तहत हासिल हुए इस दस्तावेज़ को जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने अपनी याचिका के साथ सुप्रीम कोर्ट में पेश किया है और मांग की है कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के मामले में पी चिदंबरम को गवाही के लिए बुलाया जाना चाहिए.

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