अफ़ज़ल गुरु की सज़ा माफ़ी का प्रस्ताव

अफ़ज़ल गुरु

अफ़ज़ल गुरु के रहम की अपील राष्ट्रपति के पास विचाराधीन है

भारत प्रशासित राज्य जम्मू कश्मीर के एक निर्दलीय विधायक ने विधानसभा में एक प्रस्ताव रखा है जिसमें भारतीय संसद पर हमले के दोषी अफज़ल गुरु की फाँसी की सज़ा माफ़ करने की अपील की गई है.

कुपवाड़ा ज़िले से जीतकर विधानसभा में पहुँचे शेख़ अब्दुल रशीद ने कहा है कि अफ़ज़ल गुरु को मानवीय आधार पर माफ़ किया जाना चाहिए.

जम्मू कश्मीर का ये प्रस्ताव तमिलनाडु विधानसभा में पारित एक प्रस्ताव और पंजाब के मुख्यमंत्री के एक पत्र के बाद आया है.

तमिलानाडु विधानसभा ने प्रस्ताव पारित करके राजीव गांधी के हत्यारों की फाँसी की सज़ा माफ़ करने की अपील की है जबकि पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखकर कहा है कि चरमपंथी हमले के अभियुक्त देवेंदर पाल सिंह भुल्लर की फाँसी की सज़ा माफ़ कर दी जाए.

प्रस्ताव

ये सदन प्रस्ताव करती है कि 13 दिसंबर, 2001 को भारतीय संसद पर किए गए हमले के मामले में कथित रुप से शामिल होने के लिए फाँसी की सज़ा का सामना करने जा रहे अफ़ज़ल गुरु को मानवीय आधार पर माफ़ी दे दी जाए

रशीद के प्रस्ताव का अंश

तमिलनाडु विधानसभा के प्रस्ताव के बाद अपने ट्विटर मैसेज में जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कहा था कि अगर जम्मू कश्मीर मुख्यमंत्री ऐसा ही प्रस्ताव पारित करती है तो भी क्या उसकी प्रतिक्रिया ऐसी ठंडी होगी.

इसके बाद इस पर विवाद खड़ा हो गया था.

अब विधानसभा के समक्ष ऐसा एक प्रस्ताव आ ही गया है.

इस प्रस्ताव में कहा गया है, "ये सदन प्रस्ताव करती है कि 13 दिसंबर, 2001 को भारतीय संसद पर किए गए हमले के मामले में कथित रुप से शामिल होने के लिए फाँसी की सज़ा का सामना करने जा रहे अफ़ज़ल गुरु को मानवीय आधार पर माफ़ी दे दी जाए."

विधायक रशीद का कहना है कि अफ़ज़ल गुरु को सज़ा दिए जाने का कश्मीर पर गंभीर असर पड़ सकता है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार वे चाहते हैं कि 26 सितंबर से शुरु होने जा रहे विधानसभा के सत्र में उनके इस प्रस्ताव को पारित कर दिया जाए.

अभी इस पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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