डब्बों से शवों को निकालने का काम पूरा

उत्तर प्रदेश के फ़तेहपुर ज़िले में मलवां स्टेशन के पास हुई हावड़ा-नई दिल्ली कालका एक्सप्रेस दुर्घटना में मरनेवालों की संख्या 69 हो गई है.

अधिकारियों का कहना है कि 220 लोग घायल हैं और मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है.

मारे गए लोगों में दो स्वीडन के नागरिक भी हैं.

राहत और बचाव अभियान दल के प्रमुख कर्नल ए एस ढिल्लन ने बताया कि डब्बों में से शवों के निकालने का काम पूरा हो गया है.

उन्होंने बताया कि डब्बों के अंदर से 57 शव मिले जबकि 12 की मौत अस्पताल ले जाते वक्त हो गई.

इस ट्रेन के 13 डब्बे पटरी से उतर गए थे.

सोमवार की सुबह डॉक्टरों की टीम को घटनास्थल पर बुला लिया गया था जिससे शवों को निकालने में मदद मिली.

घायलों को फ़तेहपुर, कानपुर, इलाहाबाद और लखनऊ के अस्पतालों में ले जाया गया है.

जाँच

सोमवार की सुबह से ही बड़ी तादाद में ट्रेन में यात्रा कर रहे लोगों के रिश्तेदार घटनास्थल पर पहुंचने लगे हैं.

इलाहाबाद ज़ोन के रेलवे प्रवक्ता संदीप माथुर ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन के सुरक्षित और मामूली रूप से घायल 165 यात्रियों को लेकर एक ट्रेन दिल्ली पहुंच गई है.

वहीं यात्रियों के रिश्तेदारों को लेकर एक विशेष ट्रेन हावड़ा से इलाहाबाद पहुंच गई है.

एक अन्य ट्रेन रिश्तेदारों को लेकर दिल्ली से कानपुर पहुंची जहां से लोग बसों और अन्य वाहनों पर मलवां और फ़तेहपुर पहुंचे.

संदीप माथुर ने बताया कि रेलवे के सुरक्षा आयुक्त बहुत जल्द दुर्घटना की जांच शुरू कर देंगे.

ट्रेन में सवार दो विदेशी नागिरकों को रविवार शाम ही हेलीकॉप्टर के ज़रिए इलाहाबाद पहुंचा दिया गया.

अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक क्लियर होने में 48 घंटे का समय लग सकता है.

मलवां रेलवे स्टेशन कानपुर और इलाहाबाद के बीच है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार क्षतिग्रस्त डब्बों में फँसे लोग खिड़की का शीशा तोड़कर बाहर निकले.

क्लिक करें ट्रेन दुर्घटना की तस्वीरें देखिए

गंभीर रूप से घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए सेना के दो हेलिकॉप्टरों की भी मदद ली गई.

रविवार शाम घटनास्थल पर मौजूद भारी भीड़ के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही थी और वहाँ ट्रैफ़िक जाम की स्थिति बन गई थी.

घायल प्रवीण कुमार ने बीबीसी को बताया, "बहुत तेज़ी से गाड़ी जा रही है. एकाएक गाड़ी रुक गई और डिब्बे पलट गए."

जबकि एसी कोच के कंडक्टर राम कुमार का कहना है कि ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए थे. उन्होंने बताया, "फतेहपुर से जब गाड़ी चली, तो गाड़ी झटके ले रही थी. ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए और फिर डिब्बे एक-दूसरे पर चढ़ गए."

मुआवज़ा

ये दुर्घटना दोपहर साढ़े बारह बजे के आसपास हुई.

रेलगाड़ी के ड्राइवर ने स्थानीय पत्रकारों को बताया है कि सिगनल बदलने वाले कर्मचारियों की गलती के कारण रेलगाड़ी पटरी से उतरी.

रेलवे हेल्पलाइन नंबर- 033-26411416, 033-26413660 (कोलकाता), 011-23342855 (दिल्ली), 0532-2207353, 0532-2408128 (इलाहाबाद) 0513020025 (फ़तेहपुर), 0512-2323015 (कानपुर)

रेल राज्य मंत्री मुकुल रॉय ने कहा है कि दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को पाँच-पाँच लाख रुपए मुआवज़ा दिया जाएगा और घायलों को एक लाख रुपए दिया जाएगा.

जिन लोगों को हल्की-फुल्की चोटें आई हैं, उन्हें इलाज के लिए 25-25 हज़ार रुपए मिलेंगे.

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