अचानक मिलीं करोड़ों की चांदी की ईंटें

चांदी की ईंटें

उड़ीसा में मठ से चांदी की ईंटे बरामद.

उड़ीसा के धार्मिक शहर पुरी में 700 साल पुराने एक मठ से चांदी की 522 ईंटे मिली हैं.

बरामद हुई ईंटों का वज़न 18.87 टन है और बाज़ार में इसकी क़ीमत क़रीब 90 करोड़ रुपए है.

चार बड़े संदूक़ों में बंद ये ईंटें पुरी के विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर के ठीक सामने स्थित एमार मठ के एक बंद तहखाने में से मिली हैं. इसका न कोई दरवाज़ा था न कोई झरोखा.

पुरी के एसपी संजय कुमार ने कहा, "चांदी की ये ईंटें कम से कम सौ साल पुरानी लगती हैं. एक ईंट का वज़न 38-40 किलो है और कई ईंटों पर सैन फ्रांसिस्को, शंघाई और कलकत्ता शब्द खु़दे हुए हैं. हमने इस बारे में पुरातत्व विभाग को सूचना दे दी है. उनके विशेषज्ञों द्वारा इन ईंटों कि जांच के बाद ही उनकी प्राचीनता के बारे में सही तथ्य पता चलेगा."

महंत ने गुप्त धन का बताया था

चांदी की ये ईंटें कम से कम एक सदी पुरानी लगती हैं. एक ईंट का वज़न 38-40 किलो है और कई ईंटों पर सन फ्रांसिस्को, शंघाई और कलकत्ता खुदे हुए हैं. हमने इस बारे में पुरातत्व विभाग को सूचना दे दी है. उनके विशेषज्ञों द्वारा इन ईंटों कि जांच के बाद ही उनकी प्राचीनता के बारे में सही तथ्य पता चलेगा.

संजय कुमार, पुरी के पुलिस प्रमुख

चांदी के इस भंडार के बारे में मठ के महंत को भी कुछ पता नहीं था. मठ के महंत रामानुज का कहना है, "मुझसे पहले वाले महंत श्रीनिवास रामानुजदास ने मुझे एक गुप्त धन के बारे में बताया तो था, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया था कि वो धन कहाँ है."

यह पूछे जाने पर कि अब वे क्या करेंगे, महंत ने कहा, "इसे मठ को वापस देने के लिए हम अदालत से प्रार्थना करेंगे."

उड़ीसा के एन्डाउमेंट कमिश्नर चक्रधर कार ने कहा है कि इन ईंटों के मालिकाना हक़ के बारे में जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के साथ सलाह के बाद तय किया जाएगा.

ग़ौरतलब है कि जगन्नाथ मंदिर के ठीक सामने स्थित यह मठ मंदिर की रीति-रिवाज और नीतियों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसके अलावा रथ यात्रा के दौरान सभी टीवी चैनल के कैमरे इसी मठ की छत पर लगाए जाते हैं.

चांदी की ईंटों के इस भंडार के बारे में कैसे पता चला, यह कोई कम दिलचस्प कहानी नहीं है.

मरम्मत के दौरान मिला ख़ज़ाना

मुझसे पहले वाले महंत श्रीनिवास रामानुजदास ने मुझे एक गुप्त धन के बारे में बताया तो था. लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया था कि वो धन कहाँ है. इसे मठ को वापस देने के लिए हम अदालत से प्रार्थना करेंगे.

मठ के महंत रामानुज

शुक्रवार को स्थानीय लोगों द्वारा दी गई सूचना के आधार पर पुलिस ने ढेंकानाल ज़िले के कुत्तम गाँव के दो लोगों को चांदी की दो ईंट बेचने की कोशिश करते हुए पकड़ा. उनसे पूछताछ के दौरान ही पता चला कि यह ईंटें पुरी के एमार मठ से चुराई गई थीं.

पकड़े गए दोनों लोगों - बरुन बराल और अक्षय दास को पुरी ज़िले में चंदनपुर के एक ठेकेदार ने डेढ़ महीने पहले मठ के अंदर मरम्मत के काम के लिए नियुक्त किया था.

बराल ने पुलिस को बताया कि मरम्मत के काम के दौरान छत से सिमेंट का एक टुकड़ा उस अंधेरे कमरे में रखे लकड़ी के संदूक पर जा गिरा.

बराल ने कहा, "मिस्त्री ने मुझे नीचे जाकर देखने को कहा. जब मैंने उस संदूक़ का जायज़ा लिया, तब पता चला कि उसमे चांदी की ईंटें हैं. मिस्त्री ने सभी मज़दूरों को दो दो ईंट दिए और फोरन वहां से चले जाने के लिए कहा."

बरुन और अक्षय के पास से पुलिस ने लगभग एक लाख रुपए भी बरामद किए, जो उन्होंने अपने अपने हिस्से की कुछ ईंटों को बेचकर कमाए थे.

बरामद की गई सभी ईंटे अब भी मठ के सामने पुलिस कि निगरानी में रखी हैं.

एसपी संजय कुमार ने बीबीसी को फ़ोन पर बताया कि फोरेंसिक विशेषज्ञों की जांच के बाद मंदिर प्रशासन से सलाह करने के बाद ईंटों को वहाँ से हटाने के बारे में फ़ैसला किया जाएगा.

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