पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा गिरफ़्तार

ए राजा

राजा पूर्व में कहते रहे हैं कि वो सीबीआई जांच से नहीं डरते हैं.

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए राजा को गिरफ़्तार कर लिया है.

आज दिन में राजा से पूछताछ की गई थी जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. इस हफ्ते उनसे दूसरी बार पूछताछ हुई थी.

राजा के साथ दूरसंचार मंत्रालय के पूर्व सचिव सिद्धार्थ बेहुरिया और राजा के निजी पूर्व सचिव आरके चंदोलिया को भी गिरफ़्तार किया गया है.

राजा पर 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में घोटाला करने का आरोप है.

सीबीआई के डीआईजी अनुराग ने शाम में एक प्रेस कांफ्रेंस में बयान पढ़ते हुए ये जानकारी दी. उन्होंने कहा, '' टेलीकॉम मामले में अनियमितताओं के मददेनज़र चल रही जांच के तहत पूर्व दूरसंचार मंत्री, उनके तत्कालीन सचिव और उनके निजी सचिव को गिरफ्तार किया है.''

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ए राजा पर 2008 से ही 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में घोटाले के आरोप लगते रहे हैं लेकिन सीएजी की रिपोर्ट आने के बाद उन पर इस्तीफे़ का दबाव बढ़ गया था. आखिरकार राजा को नवंबर 2010 में इस्तीफ़ा देना पडा.

जब जेपीसी जांच करेगी तो वह जांच समग्र होगी जिसमें पता चलेगा कि कैसे स्पेक्ट्रम आवंटन में गड़बड़ियां हुई जिसमें सभी की भूमिका की जांच होगी

सीताराम येचुरी

इसके बाद भी राजा को गिरफ़्तार नहीं किया गया लेकिन उनके घर की तलाशी हुई और सीबीआई लगातार उनसे पूछताछ करती रही है.

राजा पर आरोप है कि उन्होंने 2जी स्पेक्ट्रम का आवंटन अपनी पसंदीदा कंपनियों को किया और इनमें से कई कंपनियों के पास स्पेक्ट्रम के उपयोग के लिए नेटवर्क ही नहीं था. इन कंपनियों ने बाद में स्पेक्ट्रम अधिक क़ीमत पर अन्य मोबाइल कंपनियों को बेच दिए.

इससे पहले पूरे मामले की जांच के लिए गठित जस्टिस शिवराज पाटिल आयोग ने अपनी जांच रिपोर्ट दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल को सौंपी थी.

पाटिल को दिसंबर महीने में जांच कार्य सौंपा गया था और उन्हें देखना था कि 1991 के बाद दूरसंचार मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में सरकारी नियमों का कितना उल्लंघन किया है.

जस्टिस पाटिल ने रिपोर्ट देने के बाद कहा था कि उनकी रिपोर्ट में मंत्रालय के कुछ अधिकारियों के नाम भी हैं.

उल्लेखनीय है कि राजा के मामले में सरकार और विपक्ष के बीच भी तनाव बना हुआ है और नवंबर के बाद संसद की कार्यवाही नहीं चल सकी है.

विपक्ष इस मामले में संयुक्त संसदीय समिति से जांच चाहता है जबकि कांग्रेस जेपीसी जांच के लिए तैयार नहीं है.

राजा की गिरफ़्तारी के बाद बीजेपी नेता अरुण जेटली ने कहा कि सरकार हड़बड़ी में ये क़दम उठा रही है और सरकार को जेपीसी का गठन करना चाहिए ताकि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले की पूरी जांच हो सके.

वामपंथी नेता सीताराम येचुरी ने भी कहा कि जेपीसी जांच होनी चाहिए ताकि ये पता लग सके कि इतने उच्च स्तर पर इस तरह का भ्रष्टाचार कैसे संभव हुआ.

येचुरी का कहना था कि जब जेपीसी जांच करेगी तो वह जांच समग्र होगी जिसमें पता चलेगा कि कैसे स्पेक्ट्रम आवंटन में गड़बड़ियां हुई जिसमें सभी की भूमिका की जांच होगी.

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