अमरीका ने भारत के विरोध को ख़ारिज किया

आंध्र में विरोध

छात्रों के मॉनिटरिंग टैग लगाने का भारत में कड़ा विरोध हुआ है

अमरीका ने भारत के उस विरोध को रद्द कर दिया है जिसमें भारतीय विदेश मंत्रालय ने कुछ भारतीय छात्रों के पैरों में इलेक्ट्रॉनिक टैग लगाए जाने पर विरोध प्रकट किया था.

पिछले हफ्ते अमरीकी इमिग्रेशन अधिकारियों ने वीज़ा क़ानून के उल्लंघन के आरोप में 18 भारतीय छात्रों के पैरों में इलेक्ट्रॉनिक टैग लगा दिए थे ताकि उनकी हरकत पर नज़र रखी जा सके.

इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि ये टैग फ़ौरन हटा लेने चाहिए क्योंकि ये छात्र खुद धोखे का शिकार हुए हैं और वे अपराधी नहीं हैं.

लेकिन सोमवार को अमरीकी अधिकारियों ने इस विरोध को यह कह कर रद्द कर दिया कि ये पैरों में इलेक्ट्रॉनिक टैग आम तौर से लगाया जाते हैं और इसका हरगिज़ यह मतलब नहीं कि ये भारतीय छात्र अपराधी हैं.

कैलिफोर्निया राज्य की एक यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने वाले 1500 छात्रों में कई सौ भारत के राज्य आंध्र प्रदेश से आए थे लेकिन यहाँ आने पर उन्हें पता लगा कि ट्राई वैली यूनिवर्सिटी के ख़िलाफ़ छानबीन चल रही है जिसके कारण इसे बंद कर दिया गया है.

छात्रों से पूछताछ

अमरीकी अधिकारियों ने भारतीय छात्रों से पूछताछ के बाद 18 छात्रों के पैरों में इलेक्ट्रॉनिक टैग लगा दिए थे.

अमरीकी अधिकारियों के अनुसार इन छात्रों ने वीज़ा क़ानून का उल्लंघन किया था.

उनके ख़िलाफ़ इल्ज़ाम है कि वो ग़ैर क़ानूनी तरीके से अमरीका के दूसरे राज्यों में जा कर काम कर रहे थे.

छात्रों को हफ्ते में 20 घंटे काम करने की अनुमति दी जाती है लेकिन अधिकारियों के अनुसार ये छात्र इससे कई घंटे ज्यादा काम कर रहे थे और वो भी कैलिफोर्निया राज्य के बाहर.

भारतीय दूतावास इस मामले की छानबीन कर रहा है.

हालांकि सोमवार को भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा था कि भारतीय छात्रों पर निगरानी के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम लगाना स्वीकार्य नहीं है.

इसके पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में अमरीका के उपराजदूत को बुला कर इस पर कड़ा विरोध प्रकट किया था.

मंत्रालय का कहना है कि ये छात्र धोखे का शिकार हुए हैं तो उनके साथ अपराधियों जैसा बर्ताव क्यों किया जा रहा है.

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