बीएसएफ़ को रायफ़ल की जगह शॉटगन

बांग्लादेश सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवानों को आधुनिक 12 बोर वाली पाइप एक्शन शॉटगन से लैस किया जाएगा ताकि नागरिकों या अपराधियों के साथ टकराव के दौरान मरने वालों की संख्या कम हो सके.

ये जानकारी पूर्वी हिस्सों के लिए बीएसएफ़ के विशेष निदेशक प्रणय सहाय ने बीबीसी को दी.

उन्होंने एक विशेष बातचीत में बताया कि नई शॉटगन की बदौलत भीड़ को रोकने में मदद मिलेगी क्योंकि इससे निकली गोलियाँ दूर तक जाती हैं और लोगों को चोट कम लगती है.

प्रणय सहाय का कहना था, “बीएसएफ़ क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के बजाए सीमा पर काम करने वाला बल है. हमारे पासे आँसू गैस या लाठियाँ नहीं होती. हमारे पास आमतौर पर राइफ़ल होते हैं जिनसे गोली लगने पर कई बार मौत हो जाती है. हमें बांग्लादेश जैसे दोस्ताना देश की सीमा पर अपराधियों से निपटने के लिए अलग तरह के हथियार की ज़रूरत है.”

बांग्लादेश से मदद

उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ़ के पास भी अब 12 बोर वाली पाइप एक्शन शॉटगन है.

बीएसएफ़ अधिकारी सहाय का कहना है कि जब से सीआरपीएफ़ को शॉटगन मिली है तब से कश्मीर में हताहतों की संख्या कम हो गई है.

कश्मीर में पिछले साल हुए व्यापक प्रदर्शनों के दौरान झड़पों में कई लोग मारे गए थे.

उन्होंने कहा, “बांग्लादेश सीमा पर हताहतों की संख्या 2010 में 52 थी लेकिन हम चाहते हैं कि इसमें और कटौती हो.”

पूर्वोत्तर राज्यों के बारे में प्रणय सहाय ने बताया कि वहाँ विद्रोहियों की समस्या से निपटने के लिए बांग्लादेश भारत की मदद कर रहा है. उन्होंने कहा कि शेख हसीना सरकार के आने के बाद से बांग्लादेश सरकार ने विद्रोहियों पर नकेल कसी है और वे वहाँ से भाग रहे हैं.

वर्ष 2009 के बाद से बांग्लादेश ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़े क़रीब 100 विद्रोहियों को पकड़ा है और भारत को सौंपा है जिनमें कई बड़े नेता शामिल हैं.

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