जमीयत उलेमा-ए-हिंद सुप्रीम कोर्ट में

बाबरी मस्जिद ( फ़ाइल चित्र)

अयोध्या विवाद पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सुनवाई मंगलवार को जारी रहेगी.

संगठन के वकील अनिस सुहरावर्दी ने कहा है, “चूँकि फ़ैसला संगठन के पक्ष में नहीं आया, इसलिए हमने स्वतंत्र रूप से सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने का निर्णय किया है. इसमें हम सितंबर में आए फ़ैसले को चुनौती दे रहे हैं.”

उनका कहना है कि जो फ़ैसला दिया गया है कि वो क़ानूनी स्तर पर लागू नहीं किया जा सकता.

चूँकि फ़ैसला संगठन के पक्ष में नहीं आया, इसलिए हमने स्वतंत्र रूप से सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने का निर्णय किया है. इसमें हम सितंबर में आए फ़ैसले को चुनौती दे रहे हैं

अनिस सुहरावर्दी

अनीस सुहरावर्दी के मुताबिक, “क़ानून में आस्था, मिथक जैसी चीज़ों की जगह नहीं होती. हमारा लिखित संविधान हैं जिसमें क़ानून है जिन्हें ठीक से लागू करना चाहिए. अयोध्या में मस्जिद तो थी जिसे गिरा दिया गया. मुसलमानों की भावनाएँ आहत हुई हैं.”

एक ऐतिहासिक फ़ैसले में इस साल सितंबर में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने अयोध्या के विवादित स्थल को राम जन्मभूमि घोषित किया था.

हाईकोर्ट ने बहुमत से फ़ैसला किया था कि विवादित भूमि जिसे रामजन्मभूमि माना जाता रहा है, उसे हिंदू संगठनों को दे दिया जाए. वहाँ से रामलला की प्रतिमा को नहीं हटाया जाएगा.

लेकिन अदालत ने यह भी पाया कि चूंकि कुछ हिस्सों पर, जिसमें सीता रसोई और राम चबूतरा शामिल है, निर्मोही अखाड़े का भी कब्ज़ा रहा है इसलिए यह हिस्सा निर्मोही अखाड़े के पास ही रहेगा.

अदालत के दो जजों ने यह फ़ैसला भी दिया कि इस भूमि के कुछ हिस्सों पर मुसलमान प्रार्थना करते रहे हैं इसलिए ज़मीन का एक तिहाई हिस्सा मुसलमान गुटों दे दिया जाए.

तीनों जजों ने मुसलमानों के सुन्नी सेन्ट्रल वक्फ़ बोर्ड के अपने दावे को कानूनन समय सीमा की मियाद बाहर होने के तकनीकी आधार पर ख़ारिज कर दिया है.

वहीं दो जजों ने बहुमत से भगवान सिंह विशारद के मुक़दमे में प्रतिवादी के नाते सुन्नी वक्फ़ बोर्ड को एक तिहाई हिस्से का हक़दार माना है.

जजों ने माना है कि विवादित मस्जिद के अंदर भगवान राम की मूर्तियां 22/23 दिसंबर 1949 को रखी गई. यह भी माना है कि मस्जिद का निर्माण बाबर अथवा उसके आदेश पर किया गया और यह जगह भगवान राम का जन्म स्थान है .

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