हाथी को राष्ट्रीय धरोहर के पशु का दर्जा

हाथी

तेज़ी से हो रहा विकास हाथियों के प्राकृतिक वास को लीलता जा रहा है

भारत सरकार ने हाथी को राष्ट्रीय धरोहर घोषित कर दिया है.

भारतीय वन विभाग के महानिदेशक की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार हाथियों पर बनाई गई विशेष समिति की सिफारिश पर लिए गए इस फ़ैसले की सूचना सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को दे दी गई है.

पर्यावरण मंत्रालय के मुताबिक़ भारत में इस समय लगभग 29,000 हाथी हैं.

समिति का मानना है कि हाथियों को विशेष दर्जा दिए जाने से उसके संरक्षण में मदद मिलेगी साथ ही इससे भारतीय परंपरा और संस्कृति में हाथियों को दिए गए विशेष स्थान को भी मान्यता मिलेगी.

पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश का कहना है कि हाथियों के संरक्षण को वही महत्व दिया जाना चाहिए जैसा बाघों को दिया गया है.

भारी निर्माण और शहरीकरण के कारण हाथियों के प्राकृतिक वास तेज़ी के साथ ख़्त्म होते जा रहे हैं.

पिछले महीने ही पश्चिम बंगाल में तेज़ी से जाती एक ट्रेन के सामने आ जाने के कारण सात हाथी मारे गए थे.

समिति का कहना है कि हाथियों के संरक्षण के लिए एक विशेष प्राधिकरण बनाया जाए और अभ्यारणों की संख्या बढ़ाई जाए.

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