हर तीसरा बच्चा शराब से डरता है

बड़ों को शराब पीता देखकर बच्चों में भी ये लत घर करने लगती है.

एक सर्वेक्षण में पाया गया है कि ब्रिटेन में एक तिहाई बच्चे बड़ों को नशे में चूर या शराब पीता देख कर डर जाते हैं.

चाइल्डवाइज़ फॉर बीबीसी न्यूज़राउंड ने 1200 से ज़्यादा बच्चों पर किए गए सर्वेक्षण में पाया कि 50 प्रतिशत बच्चों ने अपने माता पिता को शराब के नशे में धुत देखा है. ये सर्वे 10 से 14 साल के बच्चों पर किया गया.

अन्य 50 फ़ीसदी का कहना है उन्हें बड़े लोगों के शराब पीने से कोई परेशानी नहीं है लेकिन 16 फ़ीसदी बच्चों का मानना है कि शराब पीने से बालिग लोग गुस्सैल और उत्तेजित हो जाते हैं, जबकि 30 फीसदी ने कहा वो शराब पीने वालों से डरते हैं

चाइल्डवाइज़ ने चेतावनी दी है कि आने वाली पीढ़ी में शराब की लत को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे.

' नाइट पार्टी ' का बेहतरीन डोज़

चाइल्डवाइज़ रिसर्च की निदेशक रोज़मेरी डफ़ ने कहा कि शराब पीने वाले वयस्कों से डरने वाले बच्चों की ख़ासी संख्या है.

लेकिन उन्होंने चिंता जताई कि 50 प्रतिशत को शराब पीने की आदत से परेशानी न होना संकेत देता है कि शराब पीने की सभ्यता बच्चों में बस गई है और ये चिंताजनक है.

ग्यारह साल से ऊपर की लड़कियों से सर्वे में पूछा गया कि वयस्क इतना क्यों पीते हैं कि वे बेक़ाबू हो जाएं और उल्टी करने लगें. जवाब में कई ने कहा कि शराब एक 'अच्छी शाम का हिस्सा' है.

डफ़ ने कहा, "बेकाबू होकर शराब पीने की आदत से निपटना मुश्किल हो सकता है क्योंकि उनकी सोच ये बन रही है कि शराब ही शाम को बेहतर बना सकती है."

इस सर्वे की कोशिश थी ये देखने की कि वयस्कों के शराब पीने से बच्चों पर किस तरह का असर पड़ रहा है.

हर पीढ़ी अपने माता पिता से ही सीखती है, अगर वे खुद शराब ज़्यादा पिएंगे तो बच्चों के लिए ज़्यादा शराब पीना भी आसान हो जाता है.

एड बॉल्स, पूर्व बाल सचिव

इसमें पाया गया है कि तीन फ़ीसदी बच्चों ने अपने माता पिता को सप्ताह में कई बार शराब पीते देखा है. यानि 30 बच्चों की कक्षा में एक बच्चा हर हफ्ते माता पिता को शराब पीते देखता है. इस आंकड़े को डफ ने बहुत बड़ा बताया है.

ख़तरनाक नतीजे

दस में से आठ बच्चों ने शराब पीने के बाद लोगों के व्यवहार में बदलाव महसूस किए हैं. उनमें से आधे से ज़्यादा लोग कहते हैं कि शराब पीने के बाद लोग बचकानी हरकत करते हैं, कुछ ने कहा वे गुस्सैल और उत्तेजित हो जाते हैं तो कई का मानना है कि वे ख़ुश और हास्यास्पद लगते हैं.

कम से कम 19 फीसदी का कहना है कि शराब पीने वाले अजीबोगरीब बर्ताव करने लगते हैं, 18 फीसदी का मानना है कि वे चिल्लाना शुरु कर देते हैं जबकि 17 फीसदी के अनुसार वे बेकाबू होकर गिरने लगते हैं.

अच्छी शाम और शराब पर्याय बन गए हैं.

सबसे ध्यान देने वाली बात है कि सर्वे में 60 फीसदी बच्चों ने कहा कि वे बड़े होकर शराब पिएंगे, हालांकि उनमें से 17 फीसदी कहते हैं वे हद से ज़्यादा नहीं पिएंगे लेकिन पाँच फीसदी ने बड़े होकर शराब पीने से इंकार किया.

गौरतलब है, छह महीने पहले पूर्व परिवार कल्याण मंत्री एड बॉल्स ने बच्चों के माता पिता को चेतावनी दी थी कि छोटी उम्र में शराब पीने के 'ख़तरनाक परिणामों' को नज़रअंदाज़ न करें.

डफ़ ने कहा कि बच्चों को बचपन से ही शराब के बारे में शिक्षित करने की ज़रूरत है जिससे बेकाबू तरीके से शराब पीने को रोका जा सके.

उन्होंने कहा, "जब तक हम कुछ नहीं करेंगे, हालात सुधरेंगे नहीं बल्कि और बिगड़ेंगे."

"हर पीढ़ी अपने माता पिता से ही सीखती है, अगर वे खुद शराब ज़्यादा पिएंगे तो बच्चों के लिए ज़्यादा शराब पीना भी आसान हो जाता है."

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