वीज़ा मामले में कनाडा ने खेद जताया

एस एम कृष्णा, भारतीय विदेश मंत्री

विदेश मंत्रालय ने कनाडा सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की थी

कनाडा ने नई दिल्ली स्थित अपने उच्चायोग से कई शीर्ष भारतीय अधिकारियों को वीज़ा न देने के मामले में गहरा खेद व्यक्त किया है.

कनाडा ने भारतीय सुरक्षा बलों के कुछ शीर्ष अधिकारियों को वीज़ा देने से यह कहकर इनकार कर दिया था कि वे मानवाधिकारों का हनन करते हैं.

शुक्रवार को कनाडा के नागरिकता और अप्रवासी मामलों के मंत्री जेसन केनी ने एक बयान जारी किया.

बयान में कहा गया है, "कनाडा भारत और उसकी संस्थाओं का पूरा सम्मान करता है. कनाडा हर साल 1,31,000 भारतीयों का स्वागत करता है जिनमें से कई भारत की विभिन्न सुरक्षा बलों के सदस्य होते है. इसलिए हाल की घटनाओं पर कनाडा सरकार को काफ़ी अफ़सोस है."

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सुरक्षा बल और भारतीय रक्षा सेनाएं जो भी कर रही हैं वह प्रजातांत्रिक प्रक्रिया और क़ानून के दायरे में है."

कनाडा सरकार ने अपनी ग़लती मान ली है और भारत को इसकी सूचना दे दी है इसलिए अब इस मामले को समाप्त समझना चाहिए

एसएम कृष्णा

हाल ही में सीमा सुरक्षा बल के एक पूर्व हवलदार फ़तह सिंह पंधेर के वीज़ा आवेदन को कनाडा उच्चायोग ने ये कहकर ठुकरा दिया था कि सीमा सुरक्षा बल मानवधिकार के उल्लंघन में शामिल रही है.

उसके बाद ऐसे कई मामले सामने आए जिसमें कनाडा उच्चायोग ने भारतीय ख़ुफ़िया विभाग समेत कई भारतीय संस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाए थे.

इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कनाडा से शिकायत दर्ज की थी.

कनाडा सरकार के ताज़े बयान के बाद भारत ने अब इस मुद्दे को ख़त्म कर दिया है.

भारतीय विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने बंगलौर में कहा कि कनाडा सरकार ने अपनी ग़लती मान ली है और भारत को इसकी सूचना दे दी है इसलिए अब इस मामले को समाप्त समझना चाहिए.

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