न एक पैसा लगाया, न लिया: थरूर

थरूर

लोकसभा में हंगामें के कारण शशि थरूर को अपना बयान सदन के पटल पर रखना पड़ा

आईपीएल कोच्चि और उसमें उनकी एक महिला मित्र की हिस्सेदारी के कारण विवादों में फँसे विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर ने कहा है कि उन्होंने केरल कंसौरिटियम रॉनडेवू में न कभी एक पैसे का निवेश किया और न ही उससे कभी एक पैसा लिया है.

अपने ख़िलाफ़ लगे आरोपों का खंडन करते हुए उन्होंने ये भी कहा वे रॉनडेवू से न वर्तमान में और न आगे चल कर कोई लाभ उठाना चाहते हैं.

लोकसभा में शशि थरूर के इस्तीफ़े की माँग को लेकर शुक्रवार को ख़ासा हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित हुई. जब थरूर अपना बयान पढ़ने के लिए खड़े हुए तब भी लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ और उन्हें अपना बयान सदन के पटल पर रखना पड़ा जिसके बाद कार्यवाही स्थगित हो गई.

थरूर ने संसद के बाहर पत्रकारों को अपना बयान पढ़कर सुनाया.

'केवल मार्गदर्शन किया'

थरूर ने अपने बयान में कहा, "आईपीएल ने हाल में दो नई टीमें लाने का फ़ैसला किया था. क्रिकेट फ़ैन और केरल से सांसद होने के नाते केरल के रॉनडेवू कंसॉर्टियम ने मुझसे अनौपचारिक मार्गदर्शन माँगा था जो मैंने दिया. लेकिन नीलामी में उनके भाग लेने से मेरा कोई संबंध नहीं है."

मुझपर आरोप लगा है कि सीधे तौर पर पैसे का कोई लेन-देन हुआ. इससे मुझे बहुत आघात पहुँचा है....मैंने तीन दशक तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकसेवा की है और मुझ पर कभी वित्तीय गड़बड़ी का कोई आरोप नहीं लगा है

विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर

उनका कहना था, "मेरे ख़िलाफ़ दो गंभीर आरोप लगे हैं. मैं यही कहूँगा कि सांसद और मंत्री होने के नाते मेरी भूमिका पूरी तरह अपने पद की गरिमा के मुताबिक थी. इसमें मेरे मंत्रिपद का कोई दुरुपयोग नहीं हुआ....मैं अपने मंत्रालय से इस बारे में किसी को कोई फ़ायदा पहुँचाने की स्थिति में नहीं था और मैंने किसी को लाभ नहीं पहुँचाया है."

शशि थरूर का कहना था, "दूसरा ज़्यादा गंभीर आरोप जो मुझपर लगा है, वह है कि सीधे तौर पर पैसे का कोई लेन-देन हुआ. इससे मुझे बहुत आघात पहुँचा है....मैंने तीन दशक तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकसेवा की है और मुझ पर कभी वित्तीय गड़बड़ी का कोई आरोप नहीं लगा है. जो लोग मुझे जानते हैं वे जानते हैं कि पैसा कभी भी मेरे किसी भी क़दम में मूल कारण नहीं रहा है."

विदेश राज्यमंत्री ने कहा कि जो लोग नीलामी में सफल रहे हैं, वो अपनी टीम को 'प्रोमोट' कर इससे पैसा कमा सकते हैं और ये उनके काम पर निर्भर करता है.

'कोई लाभ नहीं चाहता'

मैंने कभी रॉनडेवू कंसोर्टियम में एक पैसा नहीं लगाया, न ही रॉनडेवू से एक पैसा लिया है...और न ही कभी इससे कोई लाभ उठाना चाहता हूँ...न अभी और न कभी आगे चल कर..

विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर

लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "मैं केरल के क्रिकेट के लिए रॉनडेवू कंसॉर्टियम की उपलब्धि को बड़ी सफलता मानता हूँ और इसीलिए रॉनडेवू की सफलता पर मुझे गर्व है. लेकिन स्पष्ट है कि शायद कुछ लोगों को यह स्वीकार्य नहीं है.....यह एक अपमानजनक आरोप है कि एक सफल व्यवसायी को किसी अन्य व्यक्ति के लिए फ़्रंट के तौर पर केवल इसलिए देखा जा रहा है क्योंकि वे एक महिला हैं."

पूँजी निवेश और आईपीएल से वित्तीय लाभ के आरोपों पर थरूर ने कहा, "मैंने कभी रॉनडेवू कंसोर्टियम में एक पैसा नहीं लगाया, न ही रॉनडेवू से एक पैसा लिया है...और न ही कभी इससे कोई लाभ उठाना चाहता हूँ...न अभी और न कभी आगे चल कर..."

उनका कहना था, "यह ज़रूरी है कि लोकतंत्र में पारदर्शिता होनी चाहिए और क्योंकि क्रिकेट भारत में इतना लोकप्रिय खेल है इसलिए मैं इन आरोपों को कोच्चि टीम को पूरी तरह निष्क्रिय करने का प्रयास मानता हूँ. ये सभी आरोप निराधार हैं."

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