'कुछ हमले नस्लवाद से प्रेरित'

पीटर वर्गीस

वर्गीस भारतीय मूल के है और भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त है

ऑस्ट्रेलिया सरकार ने माना है कि उनके देश में भारतीय छात्रों पर नस्लवाद से प्रेरित कुछ हमले हुए हैं लेकिन अधिकतर हमले लूटपाट से जुड़े हैं.

भारतीय मूल के छात्रों पर हुए हमलों पर ऑस्ट्रेलिया के कार्यवाहक विदेश मंत्री साइमन क्रीम के बयान पर भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त पीटर वर्गीस ने सफाई दी है.

वर्गीस का कहना था, ‘‘ऑस्ट्रेलिया में नस्लभेद की वजह से हुए हमलों की बात हमने कभी नहीं नकारी है लेकिन भारतीय मूल के लोगों पर होने वाले हमले ज़्यादातर लूटपाट या आपसी रंजिश की वजह से होते हैं. कुछ हमले ही नस्लभेद से प्रेरित होते हैं.’’

वर्गीस ने कहा कि कार्यवाहक विदेश मंत्री साइमन क्रीम के बयान पर सफ़ाई देते हुए कहा कि उन्होंने उन्माद फैलाने की बात नहीं कही बल्कि भारत सरकार से इस मामले में नपी-तुली कार्रवाई करने की बात की थी.

दुनियाभर में फैला वित्तीय संकट, ऑस्ट्रेलिया के डॉलर का एक्सचेंज रेट, ऑस्ट्रेलिया में रहने की क़ीमत वो वजहें हो सकती हैं जो भारतीय छात्रों को ऑस्ट्रेलिया आने से रोके.लेकिन यहां कि सुरक्षा व्यवस्था के बारे में छात्रों और उनके मां-बाप की सोच भी उन्हे रोक सकती है

पीटर वर्गीस, भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त

ऑस्ट्रेलिया के कार्यवाहक विदेश मंत्री साइमन क्रीम ने बुधवार को बयान जारी कर कहा था कि उनका देश पूरी तरह से सुरक्षित है और भारत सरकार भारतीय छात्रों पर हुए हमलों को लेकर उन्माद ना फैलाए.

उन्होंने कहा कि ये घटनाएं मेलबर्न, मुंबई, न्यूयॉर्क, लंदन कही भी हो सकती हैं, इन्हें ज़्यादा तूल ना दिया जाए.

गौरतलब है कि मंगलवार को भारत ने ऑस्ट्रेलिया में पढ़ रहे छात्रों को एहतियात बरतने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए थे.

ऑस्ट्रेलिया में अपराधों का गढ़ मानी-जाने वाली जगहों पर पुलिस की तैनाती कम की जाने वाली मीडिया रिपोर्ट्स को गलत बताते हुए वर्गीस ने कहा कि ऐसे इलाकों में पुलिस की तैनाती कम नहीं की गई बल्कि बढ़ा दी गई है.

उन्होंने ये भी कहा कि न्यू साउथ वेल्स में एक भारतीय मूल के छात्र की जली हुई लाश मिलने की वारदात की जांच पूरी होने से पहले नस्लवादी क़रार देना गलत होगा.

यह पूछे जाने पर कि क्या आने वाले दिनों में ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों की संख्या घटेगी तो उनका कहना था कि ऐसा संभव है.

उनका कहना था, ‘‘दुनियाभर में फैला वित्तीय संकट, ऑस्ट्रेलिया के डॉलर का एक्सचेंज रेट, ऑस्ट्रेलिया में रहने की क़ीमत वो वजहें हो सकती हैं जो भारतीय छात्रों को ऑस्ट्रेलिया आने से रोके.लेकिन यहां कि सुरक्षा व्यवस्था के बारे में छात्रों और उनके मां-बाप की सोच भी उन्हे रोक सकती है.’’

ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में 2 जनवरी को एक भारतीय छात्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी. ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इस हमले को नस्लभेदी मानने से इनकार किया है.

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.