
बर्लिन की दीवार गिराए जाने की 20वीं बर्षगाँठ के मौके पर विश्व नेताओं ने कहा है कि अन्याय के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रहनी चाहिए.
इस मौके पर हुए समारोह में जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन, फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सार्कोज़ी और अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन मौजूद थे.
बारिश के बावजूद हज़ारों लोग वर्षगाँठ के मौके पर बाहर निकले. इस घटनाक्रम ने यूरोप का चेहरा बदल कर रख दिया था. पूर्वी यूरोप में कई देशों की कम्युनिस्ट सरकारों को बर्लिन दीवार ढहने के बाद जाना पड़ा था.
बर्षगाँठ के अवसर पर आए सब नेताओं ने आगाह किया कि विश्व में लाखों लोगों के मानवाधिकारों पर अब भी ख़तरा मंडरा रहा है.
वर्ष 1989 में पूर्व और पश्चिम जर्मनी के बीच की दीवार तोड़ दी गई थी और एकीकरण हो गया था. इसके बाद ही तत्कालीन सोवियत संघ का विघटना हुआ और शीत युद्ध का अंत हो गया था.
वर्ष 1961 में पूर्वी जर्मनी ने 155 किलोमीटर लंबी दीवार बनवाई थी ताकि पश्चिमी जर्मनी के इर्द-गिर्द घेरा बनाया जा सके और पूर्वी जर्मनी से लोग भागकर दूसरी ओर न जा सकें.
विशेष समारोह

1989 में बर्लिन दीवार को तोड़ दिया गया था
माना जा रहा है कि इस दीवार को फांद कर भागने की कोशिश में कुल 136 लोग मारे गए थे. एंगेला मर्केल उन लोगों में से थी जो पूर्वी जर्मनी में बड़ी हुईं. उन्होंने सोमवार के समारोह की अध्यक्षता की.
उन्होंने जर्मन एकीकरण के मौके पर निकाले गए जुलूस की अगुआई की. रूस के राष्ट्रपति दीमित्री मेदवेदेव, पूर्व सोवियत नेता मिखाइल गोर्बाचोफ़, पोलैंड के पूर्व राष्ट्रपति लेच वालेसा, हंगरी के पूर्व प्रधानमंत्री मिकलॉस नेमेथ भी इस मौके पर मजौदू थे.
ये वर्षगाँठ फिर याद दिला रही है कि हमें आज की चुनौतियों का सामना करना होगा- चाहे वो ग़रीबी हो या जलवायु परिवर्तन या फिर मानवाधिकरों की सुरक्षा की बात हो.
एंगेला मर्केल
जर्मनी की चांसलर ने कहा कि ये वर्षगाँठ फिर याद दिला रही है कि हमें आज की चुनौतियों का सामना करना होगा- चाहे वो ग़रीबी हो या जलवायु परिवर्तन या फिर मानवाधिकरों की सुरक्षा की बात हो.
वहीं अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा, "विश्व में आज भी लाखों ऐसे लोग हैं जो बिछड़े हुए हैं- शायद किसी दीवार के चलते नहीं लेकिन इसलिए कि उनके प्रियजन जेलों में बंद हैं या अलग हो गए हैं."
हिलेरी क्लिंटन ने अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा का वीडियो संदेश भी दिखाया.
नेताओं के भाषम के बाद कई समारोह हुए और आतिशबाज़ी भी की गई. अंत में बर्लिन स्टेट ओपेरा और अमरीकी रॉक बैंड बॉन जोवी का कन्सर्ट हुआ.


















