
चुनाव आयोग ने पिछली बार झारखंड के चुनाव तीन चरणों में करवाए थे
झारखंड में विधानसभा के चुनाव 27 नवंबर से 18 दिसंबर के बीच पाँच चरणों में होंगे.
राज्य में राष्ट्रपति शासन ख़त्म करके विधानसभा को भंग करने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय के एक दिन बाद चुनाव तिथियों की घोषणा करते हुए चुनाव आयोग ने कहा है कि मतगणना 23 दिसंबर को होगी.
मुख्य चुनाव आयुक्त नवीन चावला ने चुनाव तिथियों की घोषणा करते हुए कहा है कि मतदान 27 नवंबर, दो, आठ, 12 और 18 दिसंबर को होंगे.
राजनीतिक अस्थिरता के बीच इस साल 19 जनवरी को राज्य में विधानसभा को स्थगित करते हुए राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था.
इसके बाद से वहाँ सरकार के गठन के कोई भी प्रयास सफल नहीं हुए हैं. प्रमुख विपक्षी दल भाजपा लंबे समय से मांग करती रही है कि राज्य विधानसभा को भंग करके चुनाव करवाए जाएँ.
दबाव बनाने के लिए भाजपा के सभी विधायकों ने पिछले महीने इस्तीफ़े भी दे दिए थे.
नवीन चावला ने कहा है कि चुनाव की तिथियाँ निर्धारित करते हुए आयोग ने मौसम, शैक्षणिक सत्र, क़ानून व्यवस्था की स्थिति और केंद्रीय सुरक्षा बलों की उपलब्धता सभी को ध्यान में रखा है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार जब मुख्य चुनाव आयोग से पूछा गया कि पिछली बार राज्य में चुनाव तीन चरणों में ही हो गया था तो इस बार पाँच चरणों में चुनाव करवाने का फ़ैसला क्यों लिया गया, उन्होंने कहा, "चुनाव के लिए सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद लगा कि पाँच चरणों में ही चुनाव करवाने की ज़रुरत है."
राज्य की 81 विधानसभा सीटों में से 28 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं जबकि नौ अनुसूचित जाति के लिए.
आदिवासी बहुल झारखंड का बड़ा हिस्सा नक्सल प्रभावित है और इस समय नक्सली गतिविधियाँ चरम पर हैं.














