वार्ता करेंगे लेकिन हथियार नहीं डालेंगे

नक्सली

भारत के कई राज्यों में नक्सली अत्यंत सक्रिय हैं और आए दिन पुलिस बलों को निशाना बनाते रहे हैं.

भारत के कई राज्यों में सक्रिय माओवादियों ने कहा है कि वो सरकार के साथ वार्ताओं के लिए तैयार हैं लेकिन हथियार रखने की शर्त को नहीं मान सकते.

माओवादियों के प्रवक्ता कोटेश्वर राव उर्फ़ किशन जी ने बीबीसी से बातचीत में कहा, ‘‘ केंद्र सरकार ने नक्सलियों के ख़िलाफ़ कई स्थानों पर सुरक्षा बलों में बढ़ोतरी की. इतना ही नहीं एयर फोर्स को भी हम पर हमले की अनुमति दी. अब वो बातचीत करना चाहते हैं. हम बातचीत करने से इंकार नहीं करते लेकिन हम हथियार नहीं रखेंगे.’’

बुधवार को ही मुंबई में केंद्रीय गृह मंत्रि पी चिदंबरम ने भी कहा है कि अगर माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़ देते हैं तो उनसे बातचीत की जाएगी.

किशनजी ने मांग की कि सरकार ने जहां जहां माओवादियों के ख़िलाफ़ सुरक्षा बलों में अत्यधिक बढ़ोतरी की है उन्हें तत्काल प्रभाव से कम किया जाए तभी बातचीत के रास्ते पर वो आगे बढ़ सकेंगे.

केंद्र सरकार के रवैय्ये को देखते हुए युद्ध जैसी स्थिति बन चुकी है और ऐसे में हथियार डाल कर बातचीत नहीं की जा सकती है.

किशनजी, माओवादियों के प्रवक्ता

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय में नक्सली हमलों में बढ़ोतरी को देखते हुए छत्तीसगढ़, झारखंड और उड़ीसा में सुरक्षा बलों की संख्या में बढ़ोतरी की गई है.

किशन जी का कहना था कि केंद्र सरकार के रवैय्ये को देखते हुए युद्ध जैसी स्थिति बन चुकी है और ऐसे में हथियार डाल कर बातचीत नहीं की जा सकती है.

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार लगातार कहती रही है कि विभिन्न राज्य सरकारों को माओवादियों से बातचीत करनी चाहिए और माओवादियों को हथियार छोड़कर बातचीत के रास्ते पर आना चाहिए.

गृह मंत्री चिदंबरम का कहना था कि माओवादियों को लोकतांत्रिक रास्ता अपनाना चाहिए और बातचीत करनी चाहिए.

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