पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मिदनापुर ज़िले में माओवादियों के प्रभाव वाले इलाक़ों को मुक्त कराने के लिए चल रहा सुरक्षा अभियान समाप्त हो गया है.

सुरक्षा बल दक्षिण में लालगढ़ और उत्तर में काडासोल से रामगढ़ की ओर बढ़े.
इन इलाक़ों पर भले ही सुरक्षा बलों का नियंत्रण हो गया हो लेकिन माओवादियों ने एक बयान जारी कर कहा है कि वो हथियार नहीं रखेंगे और हथियारबंद संघर्ष जारी रखेंगे.
माओवादियों के प्रवक्ता आज़ाद के बयान में कहा गया है, ''हम आतंकवादी राज्य के साथ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. लोगों के पैसों पर हथियार जुटाने वाली सरकार के साथ हमारी लड़ाई जारी रहेगी. ''
अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा बलों ने लालगढ़ और रामगढ़ क्षेत्र से आगे बढ़ना शुरू किया और दोनों ओर से आकर वे काटापहाड़ी पर रुके.
सुरक्षा बल दक्षिण में लालगढ़ और उत्तर में काडासोल से रामगढ़ की ओर बढ़े.
लालगढ़ और रामगढ़ काटापहाड़ी के दोनों ओर छह-छह किलोमीटर की दूरी पर हैं और सुरक्षा बलों के अनुसार 12 किलोमीटर की इस पट्टी में उन्हें किसी विशेष प्रतिरोध का सामना नहीं करना पड़ा.
'सफल अभियान'
अधिकारियों के अनुसार सेना जब शिजुआ क्षेत्र से गुज़र रही थी तब वहाँ सैनिकों को कुछ गोलीबारी का सामना करना पड़ा.
सेना ने काटापहाड़ी पर अब सुरक्षा कैंप बना दिया है. लालगढ़ से रामगढ़ तक 12 किलोमीटर तक का ये ऐसा क्षेत्र है जहाँ पिछले आठ महीने से कोई पुलिसकर्मी या प्रशासन का अधिकारी पहुँच भी नहीं सका था.
काटापहाड़ी पहुँचना इस अभियान का सफल हिस्सा है. हम सफल हुए हैं और अब हम आम लोगों तक पहुँचने की कोशिश करेंगे.
मनोज वर्मा, एसपी, पश्चिमी मिदनापुर
पश्चिमी मिदनापुर ज़िले के पुलिस अधीक्षक मनोज वर्मा ने काटापहाड़ी तक पहुँचने के सुरक्षा अभियान को बड़ी सफलता बताया.
उन्होंने बताया, "काटापहाड़ी पहुँचना इस अभियान का सफल हिस्सा है. हम सफल हुए हैं और अब हम आम लोगों तक पहुँचने की कोशिश करेंगे."
दरअसल अब सुरक्षा बलों की योजना उस क्षेत्र के आम लोगों के बीच अपनी पहुँच बढ़ाने की है.
अधिकारियों के अनुसार लालगढ़ से जब सेना आगे बढ़ी थी तो शुरू में कुछ गाँवों में उन्हें आम जनजीवन सामान्य मिला.
मगर सेना जब पाथोरडांगा से आगे बढ़ी तो वहाँ गाँवों में उन्हें कोई नहीं मिला. उन जगहों के लोग काटापहाड़ी पर बने एक स्कूल में जाकर शिविर बना चुके थे.
अब वहाँ पहुँचे सुरक्षा बलों ने उसी स्कूल में सुरक्षा कैंप बनाने का फ़ैसला किया है.
वहाँ मौजूद लोगों के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से खाने-पीने की व्यवस्था की गई है और प्रशासन उनसे अब खाना खाने के बाद घरों को वापस लौट जाने के लिए कह रहा है.



















