'पेज 3' पार्टी में शामिल होना चाहते हैं ?

  • 14 अप्रैल 2014
पार्टी में आए मेहमान

शाम को साढ़े आठ बजे पार्टी पर पहुंचने का टाइम था. ये पार्टी डिज़ाइनर रोहित वर्मा की बहन स्वाति लूंबा के जन्मदिन की थी.

रोहित 'बिग बॉस-3' में नज़र आए थे और उसके बाद से वो ज़्यादातर सिर्फ़ 'पेज 3' पार्टियों पर ही दिखे.

(उफ़! ये शोख़ अदाएं)

मैं पहुंचा पार्टी पर रात 10 बजे. माहौल एकदम शांत, संगीत के लिए डीजे था तो सही पर गाने शायद ख़ुद के लिए बजा रहा था.

पार्टी में किसी ने मुझसे नहीं पूछा कि 'आप कौन हैं?' 'कहां से तशरीफ़ लाए हैं?'

ठंडी पार्टी

माहौल इतना शांत देखकर मैं वहाँ से निकलने का मन बनाने लगा. पर उसी वक्त मीडिया के कुछ लोग कैमरा लिए दिखे. रोहित वर्मा जिनकी ये पार्टी थी उनका इंटरव्यू लेने के लिए.

सुनील वर्मा

जैसे ही इन पत्रकारों ने कैमरे पर ये औपचारिक इंटरव्यू ख़त्म किया तो मैंने एक से पूछा, "भाई पार्टी शुरु हुए दो घंटे हो गए लेकिन कोई रौनक ही नहीं है."

(सतरंगी दुनिया)

वो बोला, "ऐसा ही होता है एक बार 12 बजने दो फिर तुम्हारा घर जाने का मन ही नहीं करेगा."

धीरे-धीरे लोग आने शुरू हुए. कहने को ये सब 'सेलेब्रिटी' थे पर मैंने आज तक किसी को देखा नहीं था. हर लड़की और लड़के ने पार्टी की थीम के हिसाब से ही कपड़े पहन कर रखे थे, जिन्हें आम लोग, जो पार्टी वगैरह ज़्यादा अटैंड करते नहीं, बेढंगे पाएंगे.

'वीराना' की हीरोइन

पार्टी में मेरी नज़र एक महिला पर पड़ी जो काफी हंस-हंस कर एक पत्रकार से बात कर रहीं थी. मैं भी वहां पहुंच गया.

पता चला कि ये भारत की 'सबसे यंग मिस इंडिया' हैं. जैसा उन्होंने बताया. थोड़ी देर में पता चला की ये तो फ़िल्म 'वीराना' की हीरोइन साहिला चड्ढा हैं.

वो कह रही थीं, "80 के दशक में मैंने एक-एक कर 50 फ़िल्में की जैसे कि वीराना, टार्ज़न, सौ साल बाद."

साहिला चड्ढा

फिर जब मैंने अपनी दिलचस्पी उनके इस 'सफल करियर' में और दिखाई तो पता चला कि ये शाहरुख़ खान और सलमान के साथ भी काम कर चुकी हैं.

उन्होंने कहा, "आपने मुझे हम आपके हैं कौन में तो ज़रूर देखा होगा, मैं वही हूं जो गीत 'दीदी तेरा देवर दीवाना' में लड़का बनती है."

(गोरी, कहां तेरा गांव)

मैंने पूछा, "आप यहाँ कैसे?" वो बोलीं "मुझे पेज 3 पार्टियों पर बुलाया जाता है और अब मैं फ़िल्मो में कम बैक करने वाली हूं. मुझे आज भी लोग 'टार्ज़न' की शीला के नाम से जानते हैं."

नकली बॉडीगार्ड असली सेठ

इस पार्टी पर 'शेख़ी बघारने वालों' की कमी नहीं थी. मेरी नज़र गई एक ऐसे इंसान पर जिसके साथ तीन बॉडी गार्ड चल रहे थे.

मैंने सोचा यहां किसकी ज़िंदगी को ख़तरा है जो ऐसे बॉडी गार्ड लेकर चल रहा है.

मैंने बॉडीगार्ड से पूछा "कौन है ये साहब?" बॉडीगार्ड ने अपने सेठ की तारीफ की और कहा, "ये दुबई के अमीर व्यापारी हैं. हॉलीवुड की फ़िल्मों में पैसा लगाते हैं, मुंबई सिर्फ पार्टी करने आते हैं. दिन में तीन-तीन बार कपड़े बदलते हैं."

पार्टी में आए मेहमान

मैंने हिम्मत करके इस सेठ से बात करने की कोशिश कि जो सिर्फ 23 साल का लग रहा था.

(ऐसे जुटता है फ़िल्मी पार्टियों में चंदा)

मैंने पूछा, "सर आप पार्टी में बॉडीगार्ड के साथ क्यों आए हो और कहां से आए हो?"

वो बोले, "मैं गुजरात से आया हूं रे, ये पार्टी में रौब डालने के लिए चमचे रखने पड़ते हैं. मेरा बिज़नेस है वहां."

एक दो टीवी कलाकार भी

आम तौर पर पेज 3 पार्टियों के बारे में कोई तब तक नहीं लिखता जब तक कोई ग्लैमर ना हो. पर यहां तो टीवी के कुछ ग्लैमरस चेहरे भी मौजूद थे.

वो एक्टर-एक्ट्रेस जिनके पास एक समय पर काम और नाम तो था पर अब नहीं.

(मॉडल नहीं फ़िल्मी सितारे छाए)

खैर 12 बज गए और पार्टी में अब दम दिखने लगा. शोर बढ़ने लगा और केक काटने का वक़्त हो गया.

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