बिकिनी पहनने से परहेज़ नहीं मोनाली को

  • 19 मार्च 2014
मोनाली ठाकुर

'ज़रा-ज़रा टच मी टच मी', 'ख़्वाब देखे झूठे-मूठे' से लेकर 'संवार लूं' जैसे सुपरहिट गीत गाने वाली मोनाली ठाकुर अब हीरोइन के पीछे की आवाज़ से सामने आकर ख़ुद हीरोइन बन गई हैं.

और वो अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत कर रही हैं नागेश कुकुनूर की फ़िल्म 'लक्ष्मी' से.

('चाहती हूं लोग गंभीरता से लें')

फ़िल्म में उन्होंने 14 साल की एक लड़की का किरदार निभाया है जो ज़बरदस्ती वेश्यावृत्ति में धकेल दी जाती है और वहां उसे तमाम तरह की मुसीबतें झेलनी पड़ती हैं.

कोई सीमा नहीं

बीबीसी से बात करते हुए मोनाली ठाकुर ने बड़े साफ़ शब्दों में कहा कि अपने एक्टिंग करियर के लिए उन्होंने कोई सीमा तय नहीं की है और वो हर तरह के रोल करने के लिए बिलकुल तैयार हैं.

(बिकिनी में सोनम)

वो कहती हैं, "मेरी दूसरी फ़िल्म है मैंगो, जिसमें मैंने सब कुछ किया है. आप मुझे किसिंग करते भी देखेंगे, बिकिनी में भी देखोगे."

"मेरा मानना ये है कि जो करो उसमें एक क़िस्म का एस्थेटिक सेंस होना ज़रूरी है. हाव-भाव में सस्तापन ना हो. इस बात का ख़्याल रखूंगी. बाक़ी किसी भी क़िस्म के चैलेंज के लिए तैयार हूं."

संगीत का सफ़र

मोनाली ठाकुर

बंगाल की रहने वाली मोनाली के पिता शक्ति ठाकुर भी एक मशहूर गायक हैं. संगीत के माहौल में पली बढ़ी मोनाली बचपन से ही गायिका बनना चाहती थीं इस वजह से उन्होंने सिंगिंग रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' में हिस्सा लिया लेकिन वो फ़ाइनल तक पहुंचने के काफ़ी पहले ही आउट हो गईं.

('सब कुछ कर सकती हूं')

मोनाली कहती हैं, "इंडियन आइडल से बाहर होने का उस वक़्त बड़ा बुरा लगा लेकिन मेरा सपना रियलिटी शो जीतना नहीं बल्कि अच्छे गाने गाना था. आज मैं ख़ुश हूं, क्योंकि भले ही मैंने कम गाने गाए हैं लेकिन अच्छे गाने गाए हैं."

संगीतकार प्रीतम के साथ फ़िल्म 'रेस' के गाने और हालिया रिलीज़ 'लुटेरा' के गानों ने उन्हें शोहरत दिलाई.

बतौर अभिनेत्री मौका मिलने के बावजूद मोनाली अपनी गायकी का सफ़र भी जारी रखना चाहती हैं.

'लक्ष्मी'

मोनाली के मुताबिक़ प्लेबैक सिंगिंग का सबसे बड़ा ख़ामियाज़ा ये भुगतना पड़ता है कि लोग सिर्फ़ गायक की आवाज़ पहचानते हैं, चेहरा नहीं.

जब वो टीवी रियलिटी शो 'सारेगामापा' जज कर रहीं थी तब निर्देशिका तनूजा चंद्रा ने उन्हें देखा और एक फ़िल्म के लिए साइन किया.

मोनाली बताती हैं, "मुझे फ़िल्म के लिए 20 किलो वज़न घटाना था. वज़न तो मैंने कम कर लिया लेकिन वो फ़िल्म ही नहीं बन पाई."

मोनाली के मुताबिक़ एक दफ़ा नागेश कुकुनूर ने उन्हें अब्बास टायरवाला के घर पर पार्टी में देखा और अपनी फ़िल्म लक्ष्मी के लिए चुन लिया.

रोल की तैयारी

मोनाली ठाकुर

फ़िल्म में 14 साल की बच्ची का किरदार निभाने के लिए मोनाली को नागेश ने खाने पीने के लिए कहा ताकि उनका चेहरा गोलमटोल और मासूम सा दिखे.

('जिस्म' के बाद 'रागिनी एमएमएस-2')

मोनाली कहती हैं, "मैं नागेश जी की फ़िल्मों को बहुत पसंद करती हूं. वैसे मैं हिंदी फ़िल्में नहीं देखती. मैं अधिकतर विदेशी फ़िल्में ही देखती हूं. नागेश जी काफ़ी सुलझे हैं और कभी भी किसी पर चिल्लाते नहीं."

उन्होंने कहा, "लक्ष्मी में शेफ़ाली शाह, राम कपूर और सतीश कौशिक की भी अहम भूमिका है. जिससे मुझे काफ़ी मदद मिली लक्ष्मी के लिए."

हाल ही में नागेश कुकुनूर ने लक्ष्मी की स्पेशल स्क्रीनिंग यौनकर्मियों के लिए रखी थी. इस फ़िल्म को कई अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म समारोहों में दिखाया जा चुका है.

भारत में फ़िल्म 21 मार्च को रिलीज़ हो रही है.

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