क्या 'चुटकी' में हँसा पाएगी 'गुत्थी'?

  • 18 फरवरी 2014

आजकल के दर्शकों से टीवी पर कॉमेडी शो के बारे में पूछा जाए तो शायद ज़्यादातर नाम लेंगे 'कॉमेडी नाइट्स विद कपिल' का. इस शो पर तरह-तरह के किरदार और मेहमान आते हैं लेकिन सबसे लोकप्रिय किरदारों में से एक था गुत्थी का, जिसे निभाया सुनील ग्रोवर ने.

सुनील ग्रोवर कॉमेडी नाइट्स से अलग हो गए और अब ये किरदार एक नए नाम और पहचान के साथ स्टार प्लस के नए कॉमेडी प्रोग्राम 'मैड इन इंडिया' पर आ रहा है. नाम है 'चुटकी'.

हर रविवार को प्रस्तावित इस प्रोग्राम के पहले एपिसोड में मेहमान बनकर आए बाबा रामदेव. मगर शो को देखने की वजह बाबा नहीं 'चुटकी' थी.

यह वही 'चुटकी' है जो आज से पहले 'गुत्थी' बनकर टीवी पर कपिल शर्मा के साथ आई.

चुटकी और गुत्थी

'गुत्थी' के किरदार की ख़ासियत थी इसका साधारण और सरल चाल-चलन. 'गुत्थी' ने कलर्स के शो कॉमेडी नाइट्स विद कपिल से इतनी प्रसिद्धि पा ली थी कि लोगों ने उसके हाव-भाव की नकल करना शुरू कर दिया था.

किरदार बेहद लोकप्रिय हो गया था कि अचानक ख़बर आई, सुनील के इस शो से हटने की.

बताया जाता है कि अभिनेता सुनील ग्रोवर का शो के निर्माताओं से अनुबंध को लेकर कुछ मनमुटाव हो गया था.

मामला नहीं सुलझा और सुनील की 'गुत्थी' को शो से अलग होना पड़ा.

रविवार को एक बड़े इंतज़ार के बाद 'चुटकी' पर्दे पर आ गई. सबको इस 'चुटकी' से कुछ अलग करने की उम्मीद थी लेकिन दर्शकों को 'चुटकी' में 'गुत्थी' की ही छवि नज़र आई.

उसी वेशभूषा और उसी अदा के साथ सुनील ग्रोवर अपने किरदार 'चुटकी' में कुछ ख़ास फर्क नहीं दिखा पाए.

दर्शकों की राय

यूट्यूब पर 'मैड इन इंडिया' के पहले एपिसोड के वीडियो के नीचे लिखे कमेंट पढ़कर यही पता चलता है कि गुत्थी का चुटकी अवतार फ़ीका पड़ गया है.

टिप्पणियों में एक दर्शक ने लिखा है, "यह एक फ्लॉप शो है. सुनील कपिल की बराबरी नहीं कर सकेगा. इस शो पर ना मौलिकता है, न ही अच्छा कंटेट और अच्छे चुटकुले."

एक अन्य दर्शक ने लिखा है, "पूरे शो पर ज्यादा हंसी नहीं आई पर जब चुटकी स्टेज पर उतरी तो मेरे चेहरे पर मुस्कुराहट आई."

कुल मिला कर अगर लोगों की प्रतिक्रिया की बात की जाए तो उन्हें 'चुटकी' से कहीं ज्यादा की उम्मीद है.

तुलना

'चुटकी' का किरदार निभा रहे सुनील ग्रोवर का कहना है, "मैं कुछ नया पुराना नहीं सोच रहा, मैंने कोई नए कपड़े तो सिलवाने नहीं है. मेरा उद्देश्य यही है कि मैं अपने किरदार से लोगों को हंसाऊं, जिसे लोग पसंद करते हैं मैं वही करूँगा चुटकी के साथ."

कपिल के शो पर सुनील जब 'गुत्थी' बनते थे तो उनका साथ निभाती थी पलक. 'पलक' का किरदार निभाने वाले किकु शारदा अब अपने बलबूते पर शो के महिला किरदार 'पलक' को चला रहे हैं.

किकु का कहना है, "किसी के शो से अलग हो जाने से शो को फर्क तो पड़ता है पर इतना नहीं कि शो बंद हो जाए, गुत्थी अगर हमारे शो से अलग हुई है तो दो चीज़ें बढ़ी भी हैं. सुनील मेरा दोस्त है और मुझे भी उसकी कमी खली. पर दर्शक पुराना भूलकर आगे बढ़ जाते हैं."

फ़िल्म और टीवी विशेषज्ञ श्राबंती चक्रबर्ती 'मैड इन इंडिया' के बारे में कहती हैं, “मुझे इसका पहला एपिसोड पसंद नहीं आया. शो का फ़ॉर्मेट बुरा नहीं है लेकिन इसमें मनोरंजन के लिहाज़ से थोड़ी कमी है."

वे कहती हैं "जिस तरह का हास्य दर्शकों को 'कॉमेडी नाइट्स विद कपिल' में देखने को मिलता है उस तरह का हास्य इस शो में बिल्कुल भी नहीं है. बुआ , दादी और पलक 'मैड इन इंडिया' के किसी भी पात्र से कहीं बेहतर हैं. मेरे ख़्याल से इन दोनों शोज़ की तुलना नहीं करनी चाहिए पर न चाहते हुए भी ऐसा होगा. मैड इन इंडिया टाइम पास करने का अच्छा जरिया है लेकिन 'छुटकी' 'गुत्थी' से काफी अलग है.”

क्या दर्शक 'गुत्थी' को भुलाकर 'चुटकी' से काम चलाने को तैयार होंगे. इसका जवाब 'मैड इन इंडिया' के आने वाले एपिसोड में मिलेगा.

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