फ़िल्म रिव्यू: 'महाभारत'

  • 27 दिसंबर 2013
'महाभारत'

रेटिंग: *

पैन मूवीज़ की 'महाभारत' फ़िल्म पांडवों और कौरवों के बीच की लड़ाई की गाथा है. कृष्ण, भीष्म पितामह, अर्जुन, युधिष्ठिर और दुर्योधन जैसे पात्रों की ये कहानी एनिमेशन फॉर्मेट में है, जिसमें पांडवों और कौरवों की दुश्मनी और आख़िर में युद्ध में विजय प्राप्त कर पांडवों के हस्तिनापुर पर राज करने की कहानी है.

(रिव्यू: 'धूम-3')

इसमें बॉलीवुड के बड़े-बड़े सितारों की न सिर्फ़ आवाज़ें इस्तेमाल की गई हैं बल्कि पात्रों के चेहरे भी उनसे मिलते-जुलते रचे गए हैं.

जैसे भीष्म पितामह के लिए अमिताभ बच्चन, कृष्ण के लिए शत्रुघ्न सिन्हा, कर्ण के लिए अनिल कपूर, द्रौपदी के लिए विद्या बालन और दुर्योधन के लिए सनी देओल की आवाज़ें इस्तेमाल की गई हैं.

औसत एनिमेशन

'महाभारत'
'महाभारत' का एनिमेशन बेहद साधारण है.

फ़िल्म का एनिमेशन स्तरीय नहीं है. जब भारतीय दर्शक भी हॉलीवुड की कई विश्व स्तरीय एनिमेशन फ़िल्में देख चुके हैं, तो इस फ़िल्म का औसत एनिमेशन उन्हें लुभा नहीं पाएगा. इसी वजह से सभी पात्र, पर्दे पर अजीब से दिखते हैं.

(रिव्यू: 'जैकपॉट')

फ़िल्म का स्क्रीनप्ले बेहद घसीटा गया और उबाऊ है. फ़िल्म का ड्रामा कभी भी दर्शकों को बांध नहीं पाता.

हालांकि सभी कलाकारों ने उम्दा वॉइस ओवर किया है लेकिन फ़िल्म के संवादों में दम ही नहीं है.

ढीला निर्देशन

एनिमेशन साधारण होने के साथ-साथ अमान ख़ान का निर्देशन भी ढीला है.

(रिव्यू: 'आर.राजकुमार')

राजेंद्र शिव का संगीत और इब्राहिम अश्क़ के लिखे गाने ज़रूर अच्छे लगते हैं.

कुल मिलाकर महाभारत बेकार फ़िल्म है. बॉक्स ऑफ़िस पर इसका टिकना मुश्किल है.

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